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कबूतरों को दाना डालने पर लगा 2 लाख का जुर्माना, सिंगापुर सरकार ने भारतीय महिला को सुनाई सजा

सिंगापुर में भारतीय मूल की 71 वर्षीय महिला को बार-बार कबूतरों को दाना डालने के मामले में 3,200 डॉलर का जुर्माना हुआ। अदालत ने उन्हें दोहराया गया अपराध मानते हुए दोषी ठहराया।

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भारत

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Himadri Joshi

Feb 06, 2026

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कबूतरों को दाना डालने पर मिली सजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

सिंगापुर में सार्वजनिक स्वच्छता और वन्यजीव नियंत्रण को लेकर कानून बेहद सख्त माने जाते हैं। यहां वन्यजीवों को बिना अनुमति भोजन कराना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इसी के चलते अब वहां रहने वाली एक 71 वर्षीय भारतीय महिला को सजा का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक महिला पर बार-बार कबूतरों को दाना डालने के मामले में वहां की एक कोर्ट ने 3,200 सिंगापुर डॉलर का जुर्माना लगाया है, जो कि लगभग 2.26 लाख रुपये है।

छह महीनों के भीतर नौ बार कबूतरों को दाना डाला

दोषी महिला की पहचान संमुगमनाथन शमला के रूप में हुई है, जो सिंगापुर की सबसे पुरानी हाउसिंग एस्टेट्स में से एक में रहती हैं। अदालत में पेश जानकारी के अनुसार उन्होंने छह महीनों के भीतर नौ बार कबूतरों को दाना डाला है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराध में जुर्माना भर चुकी हैं। पिछली बार चेतावनी मिलने के बावजूद उन्होंने नियमों की अनदेखी की, जिसके चलते अदालत ने अब महिला के मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें सजा सुनाई है।

कबूतर पकड़ने के अभियान में भी बाधा डाली

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजक ने बताया कि शमला ने न सिर्फ अवैध रूप से पक्षियों को खाना खिलाया, बल्कि नेशनल पार्क्स बोर्ड (NParks) द्वारा चलाए जा रहे कबूतर पकड़ने के अभियान में भी बाधा डाली। अदालत में चार वीडियो सबूत के तौर पर पेश किए गए, जिनमें शमला को कबूतरों के झुंड से घिरी हुई दिखाया गया। अभियोजक ने कहा कि यह व्यवहार कानून के प्रति लगातार लापरवाही को दर्शाता है।

कोर्ट ने नहीं सुनी शमला की अपील

सुनवाई के दौरान शमला ने अदालत से अनुरोध किया कि जुर्माना 1,000 से 2,000 डॉलर के बीच रखा जाए। उन्होंने कहा कि वह बेरोजगार हैं और उनके पास कोई मेडिकल इंश्योरेंस नहीं है। उन्होंने जुर्माने की शेष राशि सामुदायिक सेवा से चुकाने की पेशकश भी की। हालांकि अदालत ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और 3,200 डॉलर का जुर्माना लगाया। फैसला सुनने के बाद शमला ने उसी दिन पूरी राशि चुकाने और भविष्य में ऐसा न करने का वादा किया।