
इजरायल के हमलों से दहल उठा गाजा। ( फोटो: ANI)
Overnight Attacks: गाजा पट्टी (Gaza Strip) में शांति की उम्मीदें एक बार फिर धुएं और बारूद के गुबार में खो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 3 और 4 फरवरी की दरम्यानी रात इजरायली सेना ने गाजा के अलग-अलग इलाकों में भीषण हवाई (Israeli Airstrikes) और जमीनी हमले (Israel Hamas War 2026) किए। इन हमलों में कम से कम 10 फिलिस्तीनियों की दर्दनाक मौत (Gaza Death Toll) हो गई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। चश्मदीदों और स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, ये हमले तब हुए, जब लोग अपने घरों और अस्थायी तंबुओं में सो रहे थे। इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने मध्य गाजा और दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाया। हमलों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई रिहाइशी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। राहत और बचाव दल (Civil Defense) के कर्मचारी सुबह होते ही मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने में जुट गए, लेकिन भारी गोलीबारी के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हमले के घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है, जहां हालात पहले से ही बदतर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है,क्योंकि कई घायलों की हालत बहुत नाजुक है। मारे गए लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बिजली और दवाइयों की कमी के बीच डॉक्टरों के लिए लोगों की जान बचाना मुश्किल होता जा रहा है।
ताज़ा हमलों ने उन हजारों परिवारों के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है, जो पहले ही कई बार विस्थापित हो चुके हैं। लोग जान बचाने के लिए एक जगह से दूसरी जगह भाग रहे हैं, लेकिन गाजा में अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं बची है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि लगातार हो रहे हमलों से मानवीय सहायता पहुंचाना असंभव होता जा रहा है।
इस घटना पर फिलिस्तीनी अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हमास ने एक बयान जारी कर कहा, "इजरायल जानबूझकर नागरिकों को निशाना बना रहा है ताकि गाजा को रहने लायक न छोड़ा जाए।" वहीं, संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इन हमलों को 'अंततराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन' बताया है। हालांकि, इजरायली सेना का कहना है कि वे केवल हमास के ठिकानों और कमांड सेंटर्स को निशाना बना रहे हैं और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
ताज़ा अपडेट के मुताबिक, इजरायली सेना ने गाजा के कुछ इलाकों में जमीनी कार्रवाई भी तेज कर दी है। उधर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम (Ceasefire) की कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। कतर और मिस्र के मध्यस्थ लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं, लेकिन अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है। आने वाले कुछ घंटे गाजा के लिए बेहद अहम और खतरनाक हो सकते हैं।
इन हमलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गाजा में तथाकथित 'सेफ जोन' (Safe Zones) महज एक छलावा हैं। जिन इलाकों को इजरायली सेना ने सुरक्षित घोषित किया था, वहां भी बमबारी की खबरें आ रही हैं। इससे आम नागरिकों में भ्रम और डर का माहौल है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं, क्योंकि न स्कूल बचे हैं, न अस्पताल और न ही शरणार्थी शिविर।
Published on:
04 Feb 2026 04:09 pm
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