भारत, Jun 07, 2026

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Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बड़े परमाणु समझौते को लेकर पर्दे के पीछे हलचल तेज़ हो गई है। अमेरिकी न्यूज आउटलेट 'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो सबसे भरोसेमंद सहयोगियों (विशेष दूत) स्टीव विटकोफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने हाल ही में टेनेसी स्थित 'ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी' का एक बेहद सीक्रेट दौरा किया है।
बता दें यह लैब अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील न्यूक्लियर रिसर्च केंद्रों में से एक है। बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन इस बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई ठोस और बड़ा समझौता करने के मूड में है और यह दौरा इसी की एक गंभीर तैयारी है। वहां ट्रंप के इन खास दूतों ने टॉप टेक्निकल एक्सपर्ट्स और वैज्ञानिकों की एक टीम से सीक्रेट बातचीत की। विशेषज्ञों का मानना है कि इन एक्सपर्ट्स की सलाह आने वाले दिनों में ईरान के साथ होने वाली संभावित और बेहद संवेदनशील बातचीत में सबसे अहम भूमिका निभाने वाली है।
यह सीक्रेट विजिट गुरुवार, 4 जून को हुई थी। दरअसल, वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) यानी शुरुआती समझौते की कोशिश चल रही है, ताकि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को खत्म किया जा सके और परमाणु मुद्दों पर गहरी बातचीत का रास्ता साफ हो सके।
'एक्सियोस' ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि अगर ईरान के साथ यह शुरुआती डील पक्की होती है, तो आगे की जटिल बातचीत को संभालने के लिए हाल ही में लगभग 100 न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स की एक खास टीम तैयार की गई है।
आपको बता दें कि यूरेनियम प्रोसेसिंग और सेंट्रीफ्यूज टेक्नोलॉजी के अमेरिका के सबसे टॉप वैज्ञानिक ओक रिज नेशनल लेबोरेटरी और Y-12 नेशनल सिक्योरिटी कॉम्प्लेक्स में ही तैनात हैं, जिन्हें अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी संभालता है।
ट्रंप के सलाहकारों विटकोफ और कुशनर का यह दौरा दिखाता है कि अमेरिका ईरान से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में शामिल कुछ एक्सपर्ट्स हाल ही में वेनेजुएला से संवर्धित यूरेनियम निकालने के मिशन का हिस्सा थे। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरे का मतलब यह नहीं कि डील हो ही गई है, लेकिन बातचीत बेहद गंभीर दौर में है।
हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी भी कुछ मुद्दों पर असहमति है। ट्रंप चाहते हैं कि समझौते में ईरान के परमाणु हथियार न बनाने की सख्त शर्त हो, जबकि ईरान यूरेनियम संवर्धन की क्षमता बनाए रखने पर अड़ा है। फिलहाल, ईरान के पास लगभग 408 किलोग्राम अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम होने का अनुमान है।
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Published on: 07 Jun 2026 08:28 pm

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