1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्रिटेन के ‘रॉयल’ स्कैंडल में नया धमाका: एक और महिला का दावा- एपस्टीन ने मुझे प्रिंस एंड्रयू के पास भेजा था…

Prince Andrew Epstein Case: एपस्टीन मामले में एक और महिला ने प्रिंस एंड्रयू पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे शाही परिवार फिर मुश्किल में है। महिला का दावा है कि 2010 में विंडसर एस्टेट में उसे यौन संबंध बनाने के लिए भेजा गया था।

3 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Feb 01, 2026

Prince Andrew Epstein Scandal

प्रिंस एंड्रयू एपस्टीन स्कैंडल। ( फोटो: X Handle)

Jeffrey Epstein accuser: ब्रिटेन का शाही परिवार (Royal Family Scandal) एक बार फिर शर्मसार हुआ है। दिवंगत अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein Documents) के मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। एपस्टीन की शिकार एक दूसरी महिला सामने आई है, जिसने ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू (Prince Andrew Latest News)पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि साल 2010 में उसे एपस्टीन द्वारा विशेष रूप से यौन संबंध बनाने के लिए लंदन भेजा गया था, जहां उसने प्रिंस एंड्रयू के साथ रात बिताई थी।

विंडसर एस्टेट में क्या हुआ था ? (Prince Andrew Photos)

महिला का प्रतिनिधित्व कर रहे अमेरिकी वकील ब्रैड एडवर्ड्स ने बीबीसी को बताया कि यह घटना 2010 की है। उस वक्त पीड़िता की उम्र 20 साल के आसपास थी। आरोप है कि महिला को लंदन के पश्चिम में स्थित शाही आवास 'विंडसर एस्टेट' ले जाया गया था। वकील के मुताबिक, "हम कम से कम एक ऐसी महिला के बारे में बात कर रहे हैं जिसे सीधे तौर पर प्रिंस एंड्रयू के पास भेजा गया था।" इतना ही नहीं, एंड्रयू के साथ रात बिताने के बाद महिला को बकिंघम पैलेस का दौरा भी कराया गया था। अब यह पीड़िता पूर्व राजकुमार के खिलाफ दीवानी मुकदमा (Civil Lawsuit) दायर करने की तैयारी कर रही है।

घुटनों पर बैठे एंड्रयू: वायरल हुईं शर्मनाक तस्वीरें

यह मामला तब और गरमा गया जब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों का एक नया जखीरा सार्वजनिक कर दिया। इन दस्तावेजों में कुछ बेहद आपत्तिजनक तस्वीरें भी शामिल हैं। एक तस्वीर में प्रिंस एंड्रयू को फर्श पर लेटी एक महिला के ऊपर घुटने टेकते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा, 2010 के कुछ ईमेल्स भी सामने आए हैं, जिनमें एंड्रयू को एक 26 वर्षीय रूसी महिला के साथ डिनर का प्रस्ताव दिया गया था।

पीएम कीर स्टारमर की सख्त टिप्पणी

इस मामले की गूंज ब्रिटेन की संसद तक पहुंच गई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि बदनाम हो चुके शाही सदस्य (एंड्रयू) को अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश होकर एपस्टीन के अपराधों पर गवाही देनी चाहिए। यह बयान शाही परिवार पर बढ़ते राजनीतिक दबाव को दर्शाता है।

पुराने जख्म फिर हरे हुए

यह नया आरोप वर्जीनिया गिउफ्रे के मामले के एक दशक बाद आया है। गिउफ्रे ने आरोप लगाया था कि 17 साल की उम्र में उसे एंड्रयू के पास भेजा गया था। उस मामले को रफा-दफा करने के लिए एंड्रयू ने 2022 में करोड़ों पाउंड का समझौता किया था। इन लगातार विवादों के कारण ही किंग चार्ल्स तृतीय ने अपने भाई एंड्रयू से उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे।

अब किसने क्या कहा ?

ब्रैड एडवर्ड्स (वकील): "मेरे मुवक्किल और पूर्व राजकुमार के बीच मुलाकात से पहले बातचीत हुई थी। यह एक सुनियोजित घटना थी।"

कीर स्टारमर (ब्रिटिश पीएम): "उन्हें (एंड्रयू को) अमेरिकी अधिकारियों के अनुरोध का सम्मान करना चाहिए और सहयोग करना चाहिए।"

प्रिंस एंड्रयू का पक्ष: टिप्पणी के लिए उनसे संपर्क नहीं हो सका, लेकिन वे पहले भी एपस्टीन के साथ किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार करते रहे हैं।

इस मामले में आगे क्या हो सकता है ?

नया मुकदमा: पीड़ित महिला जल्द ही अमेरिका या ब्रिटेन की अदालत में एंड्रयू के खिलाफ हर्जाने के लिए मुकदमा दायर कर सकती है।

अमेरिकी कांग्रेस में पेशी: ब्रिटिश पीएम के बयान के बाद, इस बात की संभावना बढ़ गई है कि अमेरिकी जांच एजेंसियां एंड्रयू से पूछताछ के लिए औपचारिक दबाव बनाएं।

दस्तावेजों की जांच: जारी किए गए हजारों पन्नों के दस्तावेजों की अभी भी जांच चल रही है, जिसमें कई और हाई-प्रोफाइल नामों के सामने आने की उम्मीद है।

शाही परिवार की मुसीबतें

यह मामला सिर्फ एंड्रयू तक सीमित नहीं है, बल्कि किंग चार्ल्स तृतीय के लिए भी सिरदर्द बन गया है।

छवि को नुकसान: राज्याभिषेक के कुछ समय बाद ही ऐसे स्कैंडल का फिर से उभरना राजशाही की छवि को वैश्विक स्तर पर नुकसान पहुंचा रहा है।

रॉयल लॉज का विवाद: एंड्रयू अभी भी 'रॉयल लॉज' में रह रहे हैं। इन नए आरोपों के बाद उन्हें वहां से बेदखल करने की मांग और तेज हो सकती है।