
Donald Trump and Ali Khamenei (Photo - Times Of Israel's social media)
अमेरिका (United States Of America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) लगातार ईरान को युद्ध की धमकियाँ दे रहे हैं। ट्रंप ने ईरान के पास शक्तिशाली नौसेना बेड़ा भी तैनात कर दिया है जिससे ज़रूरत पड़ने पर कभी भी हमला किया जा सके। मिडिल ईस्ट में सभी अमेरिकी ठिकानों पर मौजूद सैनिक भी अलर्ट मोड पर हैं। इससे तनाव काफी बढ़ गया है। लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है।
शांति की स्थापना के लिए अमेरिका और ईरान दोनों ही बातचीत की इच्छा जता चुके हैं। अब दोनों देशों में बातचीत की सहमति बन गई है। अमेरिका और ईरान के बीच ओमान (Oman) की राजधानी मस्कट (Muscat) में शुक्रवार, 6 फरवरी को शांति वार्ता आयोजित होगी। दोनों देशों के बीच यह पहली सीधी बातचीत होगी। दोनों देशों के बीच मध्यस्थता के लिए तुर्की (Turkey), मिस्र (Egypt) और कतर (Qatar) पूरी कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि कतर और ट्रंप के बीच अच्छे संबंध हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत होगी। अमेरिका इस बात का पक्ष में नहीं है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम करे, क्योंकि अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो। इसी वजह से अमेरिका ने कई साल से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं। वहीं इस मामले पर ईरान का रुख हमेशा से ही साफ रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने, लेकिन परमाणु शक्ति का इस्तेमाल अपने देश और नागरिकों की भलाई के लिए करना है।
Updated on:
05 Feb 2026 01:12 pm
Published on:
05 Feb 2026 12:58 pm
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