
Ahmedabad. भारतीय शहरों को बार-बार आने वाली बाढ़, जलवायु की चरम स्थितियों और बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे समय में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (आइआइटी गांधीनगर) ने गुरुवार को संस्थान में एआई रेज़िलियन्स एंड कमांड (एआरसी) सेंटर का शुभारंभ किया।
आइआइटी गांधीनगर रिसर्च पार्क में स्थित यह केंद्र आपदा प्रतिक्रिया से आगे बढ़कर पूर्वानुमानित, डेटा-आधारित क्लाइमेट-रिस्क मैनेजमेंट की ओर परिवर्तन का प्रतीक बनेगा।
“रेन टू रेज़िलियन्स” (वर्षा से लचीलापन) को जोड़ने के उद्देश्य से बनाया गया यह केंद्र फ्लड फोरकास्टिंग, मोबिलिटी इम्पैक्ट्स और ऑपरेशनल डिसीजन सपोर्ट को एक ही फिजिक्स-गाइडेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फ्रेमवर्क में समाहित करता है।
वैज्ञानिक कठोरता और रियल-टाइम इंटेलिजेंस के संगमवाले इस सेंटर का उद्देश्य सुरक्षित शहरी प्रणालियों को समर्थन देना, आजीविका की रक्षा करना और सतत विकास को सक्षम बनाना है।
यह भारत के विकसित भारत 2047 के दीर्घकालिक विज़न से गहराई से जुड़ा हुआ है। रियल-टाइम इंटेलिजेंस, तेज़ सिमुलेशन और एक्शन योग्य निर्णय समर्थन के माध्यम से यह केंद्र शहरों की जलवायु जोखिम प्रबंधन क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।इसके उद्घाटन अवसर पर संस्थान के एक्सर्नल रिलेशन डीन प्रो.अमित प्रशांत, अर्बन फ्लडिंग मॉड्यूल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर, प्रो. उदित भाटिया, गुजरात सरकार के पूर्व सचिव डॉ.विवेक कापडिया ने अपने विचार व्यक्त किए। उद्घाटन समारोह में गुजरात की विजिलेंस कमिश्नर डॉ. संगीता सिंह उपस्थित रहीं।
Updated on:
05 Feb 2026 10:36 pm
Published on:
05 Feb 2026 10:35 pm
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