
बालिका सैनिक स्कूल। फाइल फोटो पत्रिका
Girls Sainik School : अजमेर के हाथीखेड़ा गांव में करीब 15 एकड़ भूमि पर राजकीय बालिका सैनिक विद्यालय का निर्माण होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने 20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। हाथीखेड़ा में 15 एकड़ (60 हजार वर्गमीटर) भूमि पर स्कूल भवन बनेगा।
इसमें चारदीवारी, कार्यालय, भवन, आवास, प्रशिक्षण रेंज, परेड मैदान के निर्माम सहित अन्य विकास कार्य होंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि राज्य सरकार ने स्कूल के लिए 20 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
1- सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय हैं। सैनिक स्कूलों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों में करियर के लिए तैयार करना है।
2- सैनिक स्कूल पूरी तरह से आवासीय विद्यालय हैं। इनमें विद्यार्थी 24 घंटे अनुशासित वातावरण में रहते हैं।
3- सैनिक स्कूल सीबीएसई पाठ्यक्रम से संचालित होकर विद्यार्थियों को मजबूत शैक्षणिक आधार प्रदान करते हैं।
1- सैनिक स्कूलों में शारीरिक प्रशिक्षण, ड्रिल, और अन्य सैन्य गतिविधियों में प्रशिक्षित किया जाता है।
2- सैनिक स्कूलों का उद्देश्य छात्रों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करना है।
3- राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान देते हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल, एनसीसी, और अन्य गतिविधियों का आयोजन होता है।
Published on:
08 Feb 2026 04:50 pm
बड़ी खबरें
View Allअजमेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
