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Jaya Kishori: अजमेर में कथा के दौरान मंच पर मुस्कुराने लगीं कथावाचक जया किशोरी, जानिए क्या हुआ था उस वक्त

अजमेर में श्रीराम-जानकी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत नानी बाई रो मायरो कथा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की गई और श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

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कथावाचक जया किशोरी। फोटो- पत्रिका

अजमेर। श्रीराम-जानकी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत नानी बाई रो मायरो कथा के दौरान अपेक्षा सिटी चाचियावास में श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म का आलोक रहा। कथावाचक जया किशोरी के कथा वाचन के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबते-उतराते रहे। वैदिक मंत्रोच्चार से श्रीराम–जानकी मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई।

कृष्ण भक्ति पर था अटूट विश्वास

जया किशोरी ने भक्त नानी बाई के जीवन प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नानी बाई को त्याग, सेवा के साथ भगवान श्रीकृष्ण पर अटूट विश्वास था। नानी बाई के समर्पण भाव से स्मरण करने पर श्रीकृष्ण उनके मान-सम्मान की रक्षा के लिए प्रकट हो गए। भक्त की पुकार ईश्वर तक पहुंच जाती है।

श्रीकृष्ण ने ऐसा मायरा भरा कि दुनिया देखती रह गई। इस दौरान नरसी मेहता और नानी बाई की अनन्य भक्ति के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इंडियन आइडल फेम सवाई भाट ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। वहीं कथा के दौरान मंच पर जया किशोरी को जब गर्मी लगी तो उन्होंने हाथ पंखे से राहत पाई। हाथ पंखा चलाते समय उनके चेहरे पर मुस्कुराहट भी नजर आई।

सनातन परंपरा और मूल्य अहम

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन हमारी सनातन परंपरा, आस्था और मूल्यों के संवाहक हैं। यह समाज में नैतिकता, सद्भाव और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलना चाहिए। संस्कृति और प्राचीन मूल्य ही हमारी विरासत हैं।

सकारात्मक ऊर्जा का संचार

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में संस्कार, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हमें अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

कथाएं बढ़ाती हैं सेवा भाव

अपेक्षा सिटी की डायरेक्टर अपेक्षा अग्रवाल ने कहा कि नानी बाई रो मायरो जैसी कथाएं समाज में भक्ति, विश्वास और सेवा भाव को सुदृढ़ करती हैं। सविता अग्रवाल ने कहा कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना से जागृति बढ़ती है। श्रद्धालुओं को धर्म की सेवार्थ सदैव तत्पर रहना चाहिए। अपेक्षा ग्रुप के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, नताशा अग्रवाल, बालमुकुंद, राजीव माथुर, कमल वाधवा, तेजपाल सारण, सतीश अग्रवाल, चन्द्रप्रकाश प्रजापत, आर्यभट्ट ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. अमित शास्त्री और रिद्धिमा शास्त्री मौजूद रहे।

संकट मोचन हनुमान की प्रतिमा

महोत्सव में आर्टिस्ट अजय रावत द्वारा बालू रेत से निर्मित 8 फीट ऊंची संकट मोचन हनुमान की सैंड आर्ट आकर्षण का केंद्र रही। पुष्कर के प्रसिद्ध नगाड़ा वादक नाथू सिंह के नगाड़ा वादन के बीच धार्मिक अनुष्ठान किए गए। संत गोविंद दास महाराज की अगुवाई में पुरोहितों ने मूर्तियों का पूजन कराया। मंत्रोच्चार से समूचा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रीराम-जानकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति के संगम में सैकड़ों लोग भागीदार बने।