
शहर के समीप गाजुकी नदी क्षेत्र में सेहत के साथ खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 11 के नाले के गंदे पानी को पाइपलाइन के जरिए करीब 5 किलोमीटर दूर रेलवे पटरी के पास होते हुए चांदुकी गांव तक पहुंचाया जा रहा था। इसी दूषित पानी से कुछ लोग हरी सब्जियां, गेहूं, सरसों सहित कई फसलें उगा रहे थे। हैरानी की बात यह है कि यह सब दो वर्षों से चल रहा था, लेकिन संबंधित विभागों को इसकी भनक तक नहीं लगी। नाले में अवैध रूप से मोटर डाल पानी खेतों तक पहुंचाया जा रहा था। सिंचाई के लिए पोल से बिजली चोरी की जा रही थी। मंगलवार को शिकायत मिलने पर बिजली निगम के अफसरों की नींद टूटी, तो वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद पानी की मोटर जब्त कर ली। स्टार्टर सहित 20 से 25 मीटर लंबा तार कब्जे में ले लिया, साथ ही तीन लोगों के खिलाफ 56 हजार रुपए की वीसीआर भरी गई है।
पाइपलाइन टूटने से खुली पोल
मंगलवार सुबह पाइपलाइन टूटने से गंदा पानी वार्ड के कई घरों के पास भर गया। स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षद सतीश यादव को सूचना दी। पार्षद ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम को सूचना दी। पार्षद का कहना है कि जलदाय विभाग की ओर से यहां कोई लाइन नहीं डाली गई थी। नाले में मोटर लगाकर सप्लाई की जा रही थी।
नगर निगम ने पाइप लाइन काटी
सूचना मिलते ही नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। गंदे पानी की सप्लाई पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पाइप लाइन काटकर हटाने का काम शुरू किया गया। यह कार्रवाई देर रात तक चली।
एक्सपर्ट व्यू--- सेहत पर भारी खतरा
चिकित्सकों के अनुसार गंदे पानी में हानिकारक बैक्टीरिया और रसायन होते हैं। इससे सिंचाई की गई फसलें सीधे मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हैं। ऐसी उपज से पेट, त्वचा और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
पत्रिका व्यू:- सवालों के घेरे में सिस्टम
हैरानी की बात है कि दो साल तक शहर के नाले का गंदा पानी खेतों तक पहुंचता रहा और किसी विभाग को खबर तक नहीं लगी। यह प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब कार्रवाई के बाद जिम्मेदारों की पहचान और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। सभी संबंधित विभागों को मिलकर एक ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहिए, जो यह गारंटी दे सके कि भविष्य में इस तरह सेहत से खिलवाड़ का खेल नहीं होगा।
नाली में अवैध रूप से चलने वाली पानी की मोटर को जब्त किया गया है। इसके साथ ही स्टार्टर सहित 20 से 25 मीटर लंबा तार को कब्जे में किया गया। तीन लोगों के खिलाफ 56 हजार रुपए का वीसीआर भरा है।
Published on:
04 Feb 2026 07:39 pm
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