
पराती और फावड़ा लेकर पहुंचा पार्षद (फोटो - पत्रिका)
अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में शुक्रवार को कांग्रेस पार्षद जगदीश जाटव ने मनरेगा बचाव के मुद्दे को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। वे कंधे पर फावड़ा और सिर पर परात रखकर जिला परिषद परिसर पहुंचे, जिससे बैठक में मौजूद सदस्यों और अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
पार्षद जगदीश जाटव ने आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम तो बदल दिया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के दिन लगातार घटते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों को न तो सौ दिन के रोजगार की गारंटी मिल पा रही है और न ही समय पर मजदूरी का भुगतान हो रहा है, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग आर्थिक संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार देकर राहत पहुंचाना था, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में मजदूर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। जाटव ने जिला प्रमुख पर भी पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जिला प्रमुख अपने चहेते को विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध करवा रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्षदों और उनके क्षेत्रों की उपेक्षा की जा रही है। बैठक के दौरान एक बार फिर सदस्यों की संख्या कम रही, इसके बावजूद साधारण सभा की बैठक शुरू कर दी गई। पिछली बार बैठक में पार्षद संदीप फौलादपुरिया भैंस के साथ पहुंचे थे।
Updated on:
16 Jan 2026 01:09 pm
Published on:
16 Jan 2026 01:06 pm
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