Gen Z Fashion Trends: ज्यादातर लोगों को लगता है कि आज के जमाने के बच्चे ज्यादा फिजूलखर्च करके कपड़े खरीदते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आज की जेन-जी पहले की तुलना में ज्यादा अच्छे से कपड़े खरीदने के साथ ही स्टाइल करना जानती है। आइए जानते हैं कैसे।
Gen Z Sustainable Fashion Choices: जेन-जी अब फैशन को सिर्फ नए कपड़े खरीदने तक सीमित नहीं रख रही है। पुराने एथनिक आउटफिट्स जैसे साड़ी, कुर्ती और जयपुरी प्रिंट्स को मॉडर्न ट्विस्ट देकर नया ट्रेंड बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया और Sustainable Fashion Trend के बढ़ते प्रभाव के बीच युवा अब रीस्टाइलिंग, थ्रिफ्ट शॉपिंग और इंडो-वेस्टर्न लुक्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यही वजह है कि ट्रेडिशनल कपड़े अब सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि कॉलेज, ऑफिस और कैजुअल आउटिंग्स का भी हिस्सा बन चुके हैं।
पहले के लोग ट्रेडिशनल इंडियन कपड़ों को सिर्फ शादी या त्योहारों पर पहनते थे। वहीं अब जेन-जी इंडियन और वेस्टर्न को मिक्स करके इसे कॉलेज, ऑफिस या दोस्तों के साथ घूमने के लिए अपना डेली वियर बना चुकी है। इसलिए इन दिनों बैडी (Baddie) कुर्ती स्टाइल काफी ज्यादा ट्रेंड में है।
पहले के समय में लोग इस पर ज्यादा फोकस करते थे कि कपड़ा कितना महंगा है और किस ब्रांड का है, वहीं आज के समय में जेन-जी इस बात पर फोकस करती है कि वे उस कपड़े को कितनी बार और कितने तरह से स्टाइल कर सकती हैं। इसके लिए वे ब्रांडेड कपड़ों के साथ ही 'थ्रिफ्ट स्टोर' (Thrift Store) यानी पुराने कपड़ों को दोबारा बेचने वाली जगहों से भी खरीदारी करने में संकोच नहीं करती हैं।
पहले के समय में लोग केवल डिजाइन या रंग देखकर कपड़े खरीदना पसंद करते थे, वहीं आज के समय में जेन-जी डिजाइन के साथ-साथ ट्रेंड को देखकर खरीदना पसंद करती है। इसलिए इन दिनों बैडी स्टाइल के साथ-साथ कोरियन-टाइप के कपड़े काफी ज्यादा ट्रेंड में हैं। इसीलिए अब पुराना जयपुरी प्रिंट एक नए, मॉडर्न कट कोर्सेट या हाल्टर नेक में मिलने लगा है।
जेन-जी आज के समय में कपड़े खरीदते वक्त यह ध्यान रखती है कि वे उसे कितनी तरह से स्टाइल कर सकती हैं। इसके साथ ही, अगर वे कोई महंगी चीज ले रही हैं, तो वे यह भी ध्यान रखती हैं कि जरूरत पड़ने पर उसे दोबारा कितने में बेचा जा सकता है। इसीलिए जिन चीजों की रिसेल वैल्यू कम होती है, उनकी फर्स्ट कॉपी खरीदना वे ज्यादा पसंद कर रही हैं।
पहले के समय में जहां ट्रेडिशनल कपड़े सिर्फ कल्चरल प्रोग्राम्स में ही पहनना पसंद किया जाता था, वहीं आज समय बदलने के साथ-साथ उन्हें अपनी जड़ों से जुड़ने में गर्व महसूस होता है। इसलिए वे ट्रेडिशनल कपड़ों को भी मॉडर्न तरीके से कैरी करना और रोजाना के जीवन में पहनना पसंद करती हैं।