Cockroach Janta Party Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एजेंडा युवाओं को नौकरी नहीं दे सकता। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है।
Abhijeet Dipke Delhi Protest CJP Takeaways: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के एक दिन बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश की राजनीति, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 सालों में देश की राजनीति हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इससे युवाओं को न तो रोजगार मिल सकता है और न ही उनके भविष्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सकता है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने कहा कि अब राजनीति का फोकस शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य पर होना चाहिए। उन्होंने NEET पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की है लेकिन राजनीतिक बहस का केंद्र कुछ और मुद्दे बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम एजेंडा युवाओं को नौकरी नहीं दे सकता और सरकार को अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव करना चाहिए।
दीपके ने कहा कि उनका आंदोलन केवल किसी मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए व्यापक एजेंडा तैयार किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े विवादों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी निजी कंपनी में लगातार गलतियां होती हैं तो जिम्मेदार व्यक्ति को हटाया जाता है, लेकिन परीक्षा पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाओं के बावजूद कोई जवाबदेही तय नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक छात्रों और अभिभावकों का भरोसा व्यवस्था पर पूरी तरह बहाल नहीं हो पाएगा।
अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल लोगों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे, जो अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे थे।
दीपके ने सवाल किया कि क्या हर उस व्यक्ति को देश विरोधी बताया जाएगा जो सरकार से सवाल पूछता है। उन्होंने कहा कि छात्रों, विपक्ष और मीडिया के सवालों को नजरअंदाज करने के बजाय उनका जवाब दिया जाना चाहिए।
कुछ लोगों द्वारा उनके आंदोलन की तुलना पड़ोसी देशों में हुए युवा आंदोलनों और सत्ता परिवर्तन से किए जाने पर दीपके ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां अपनी बात रखने के लिए संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और देश के अलग-अलग हिस्सों से आए युवाओं ने इसमें हिस्सा लिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में बड़े स्तर पर और प्रदर्शन आयोजित किए जा सकते हैं।
दीपके ने साफ किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी का अभियान युवाओं और नई पीढ़ी के मुद्दों पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल या संगठन आंदोलन का समर्थन करना चाहता है तो वह बाहर से समर्थन दे सकता है, लेकिन CJP किसी राजनीतिक दल के साथ औपचारिक रूप से नहीं जुड़ेगी। उनके मुताबिक यह आंदोलन पूरी तरह युवाओं के हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पर आधारित है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि आने वाले दिनों में रोजगार, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका मानना है कि देश के युवाओं की आवाज को नीतिगत स्तर पर सुना जाना चाहिए और सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का अभियान है, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा।