
बेंगलूरु. केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस के चेंबू (खाली लोटा) अभियान के जबाव में भाजपा ने भी अभियान छेडऩे का फैसला किया है। भाजपा अब चेंबू का मुकाबला चिप्पू (खाली नारियल के खोल) अभियान से करेगी, जो प्रतीकात्मक रूप से राज्य में सिद्धरामय्या सरकार के खोखले दावों का प्रतीक होगा। विधान परिषद में भाजपा के मुख्य सचेतक एन. रविकुमार ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस के चेंबू अभियान के जवाब में कांग्रेस सरकार के खिलाफ चिप्पू प्रदर्शित करेंगे।
उन्होंने रविवार को दावणगेरे में संवाददाताओं से कहा, चिप्पू अभियान सोमवार से शुरू होगा। राज्य की कांग्रेस सरकार सभी मोर्चों पर विफल रही है। पीने के पानी की भारी कमी है। किसानों को सूखे के कारण फसल नुकसान का कोई मुआवजा नहीं मिला है। राज्य सरकार ने किसान सम्मान योजना के तहत केंद्र द्वारा दिए जाने वाले 6,000 में 4,000 जोडऩा बंद कर दिया और पशुपालकों को दूध प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने छात्रों की छात्रवृत्ति रद्द कर दी है और वरिष्ठ नागरिकों को उनकी पेंशन नहीं मिल रही है। इस सब का क्या मतलब है? इसका मतलब यह है कि यह सरकार सबको चिप्पू दे रही है। लेकिन कांग्रेस के पास अपने चेंबू अभियान के साथ केंद्र सरकार की आलोचना करने का साहस है। हम चिप्पू अभियान शुरू करके इसका मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा, चिप्पू अभियान दावणगेरे में एक मेगा कार्यक्रम में लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनगिनित किसानों, महिलाओं और दलितों को अक्षय पात्र देकर उनकी मदद की है। लेकिन कांग्रेस ने लोगों को केवल एक चिप्पू दिया और इस लोकसभा चुनाव में लोग उसे वही वापस देंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है और कांग्रेस राज में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं कर रही हैं। हुब्बली में नेहा हिरेमठ की हत्या इसका प्रमाण है। गृह मंत्री जी.परमेश्वर ने इसे व्यक्तिगत मुद्दा बताकर टालने की कोशिश की है। यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा अपनाई जा रही नीतियों के कारण हिंदुओं पर मुसलमानों के अत्याचार बढ़ गए हैं।
Updated on:
21 Apr 2024 08:23 pm
Published on:
21 Apr 2024 08:21 pm
