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समय रहते जांच व उपचार से सर्वाइकल कैंसर को हराना संभव : किदवई निदेशक

किदवई मेमोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी (केएमआइओ) के निदेशक डॉ. टी. नवीन ने कहा कि जागरूकता बढऩे के कारण शहरी क्षेत्रों में सर्वाइकल कैंसर Cervical Cancer के मामलों में कमी आ रही है। हम सभी को सर्वाइकल कैंसर मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। समय पर जांच कराकर उपचार लें वे सर्वाइकल कैंसर जागरूकता […]

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सर्वाइकल कैंसर

कैंसर जागरूकता माह के उपलक्ष्य में कैंसर से जीतने वालों की मन की बात शीर्षक कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद संबोधित करते केएमआइआ के निदेशक डॉ. टी. नवीन

किदवई मेमोरिया इंस्टीट्यूट ऑफ ऑन्कोलॉजी (केएमआइओ) के निदेशक डॉ. टी. नवीन ने कहा कि जागरूकता बढऩे के कारण शहरी क्षेत्रों में सर्वाइकल कैंसर Cervical Cancer के मामलों में कमी आ रही है। हम सभी को सर्वाइकल कैंसर मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।

समय पर जांच कराकर उपचार लें

वे सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के उपलक्ष्य में बुधवार को कैंसर से जीतने वालों की मन की बात शीर्षक कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद सभा को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि संस्थान में सभी प्रकार के कैंसर के लिए उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित महिलाएं यदि समय पर जांच कराकर उपचार लें, तो पूरी तरह स्वस्थ हो सकती हैं।

बेंगलूरु में 776 मामले

उन्होंने बताया कि कर्नाटक में पिछले वर्ष कुल 89,165 सक्रिय कैंसर मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 4,476 मामले (लगभग 9 प्रतिशत) सर्वाइकल कैंसर के थे। बेंगलूरु में 776 मामले सामने आए हैं। संस्थान के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1980 में महिलाओं में रिपोर्ट किए गए कैंसर मामलों में सर्वाइकल कैंसर की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत थी, जो हाल के वर्षों में काफी कम हुई है।डॉ. नवीन ने कहा, भारत में महिलाओं को होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में सर्वाइकल कैंसर भी एक है, लेकिन सही समय पर जांच और उपचार से इस जानलेवा बीमारी को हराया जा सकता है।

बदलती जीवनशैली और गलत आदतें कैंसर का कारण

संस्थान के रेजिडेंट चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्णप्पा ने कहा कि किसी भी प्रकार का कैंसर Cancer हो, यदि शुरुआती अवस्था में उपचार कराया जाए तो मरीज स्वस्थ हो सकता है। बदलती जीवनशैली और गलत आदतें कैंसर का कारण बन रही हैं, इसलिए लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए।स्त्री रोग ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. शोभा ने कहा कि वर्तमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) आधारित सॉफ्टवेयर और इमेज आधारित तकनीक के माध्यम से कैंसर स्क्रीनिंग की जा रही है। उन्होंने सलाह दी कि लोग स्वस्थ रहते हुए ही नियमित कैंसर जांच कराएं। तनावपूर्ण जीवन जीने वालों को समय-समय पर जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान सर्वाइकल कैंसर से ठीक हुई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर कैंसर विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर से जुड़े आम नागरिकों और विद्यार्थियों के कई सवालों के जवाब दिए।