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अनुदान और समान वेतन की मांग को लेकर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

कर्नाटक Karnataka राज्य विशेष शिक्षक एवं गैर-शिक्षक संघ ने बुधवार को शहर के फ्रीडम पार्क Freedom Park में विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन मानसिक दिव्यांगता, श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न दिव्यांगताओं से ग्रसित विशेष बच्चों की शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएं, न्यायसंगत अनुदान और समान वेतन की मांग को लेकर किया […]

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फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन

यह आंदोलन मानसिक दिव्यांगता, श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न दिव्यांगताओं से ग्रसित विशेष बच्चों की शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएं, न्यायसंगत अनुदान और समान वेतन की मांग को लेकर किया गया।

कर्नाटक Karnataka राज्य विशेष शिक्षक एवं गैर-शिक्षक संघ ने बुधवार को शहर के फ्रीडम पार्क Freedom Park में विरोध प्रदर्शन किया। यह आंदोलन मानसिक दिव्यांगता, श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और सेरेब्रल पाल्सी सहित विभिन्न दिव्यांगताओं से ग्रसित विशेष बच्चों की शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएं, न्यायसंगत अनुदान और समान वेतन की मांग को लेकर किया गया।

अनुदान पूरी तरह अपर्याप्त

संघ के महासचिव वसंत कुमार शेट्टी ने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) द्वारा संचालित विशेष विद्यालयों को प्रति छात्र केवल 9,000 रुपए मासिक अनुदान दिया जा रहा है, वह भी साल में सिर्फ 10 महीनों के लिए। बढ़ती महंगाई के दौर में यह अनुदान पूरी तरह अपर्याप्त है। उन्होंने बताया कि जहां सरकारी सहायता प्राप्त विशेष विद्यालयों के शिक्षकों को 60,000 से 80,000 रुपए मासिक वेतन मिलता है, वहीं एनजीओ संचालित विशेष विद्यालयों के शिक्षकों को मात्र 20,250 रुपए मानदेय दिया जाता है। लगभग 40,000 रुपए के इस वेतन अंतर के कारण योग्य और अनुभवी शिक्षक इन विद्यालयों में काम करने से हिचक रहे हैं।

समान वेतन देने में उदासीन

सद्भावना फाउंडेशन के विशेष विद्यालय प्रतिनिधि संजय साबरद ने कहा कि 2016-17 में हुए एक सर्वेक्षण से स्पष्ट है कि एनजीओ द्वारा संचालित विशेष विद्यालय सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों से बेहतर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, इसके बावजूद सरकार समान वेतन देने में उदासीन है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 250 विशेष विद्यालय हैं, जिनमें से केवल 180 को सरकारी अनुदान मिल रहा है, जबकि शेष 70 विद्यालय बिना किसी सरकारी सहायता के संचालित हो रहे हैं।