
बेंगलूरु. साध्वी उदितयशा ठाणा 4 के सान्निध्य में एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद, बेंगलूरु के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद बेंगलूरु की ओर से श्रमण भगवान महावीर के 2623वें जन्म कल्याणक महोत्सव के उपलक्ष में व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में साध्वी भव्ययशा एवं साध्वी शिक्षाप्रभा ने थीम सांग 'मुझे महावीर बनना है' का सुमधुर संगान किया।साध्वी उदितयशा ने कहा कि भगवान महावीर की साधना का प्रारंभिक और अंतिम बिंदु जागरूकता है। हम उनकी देह ज्योति, शब्द ज्योति एवं आत्म ज्योति से प्रेरणा प्राप्त कर लक्ष्य की ओर गति करेंगे, अप्रमत्तता की साधना करेंगे तो हम भी एक दिन महावीर बन सकते हैं।
साध्वी शिक्षाप्रभा ने कायोत्सर्ग का विशेष प्रयोग करवाया एवं प्रतिदिन कम से कम 5 मिनट कायोत्सर्ग करने की प्रेरणा दी।साध्वी भव्ययशा ने समझाया कि इंसान का लक्ष्य बड़ा होना चाहिए।साध्वी संगीतप्रभा, साध्वी भव्ययशा, अभातेयुप प्रबुद्ध विचारक दिनेश पोकरणा ने विचार व्यक्त किए।तेयुप अध्यक्ष रजत बैद ने आभार जताया। कार्यशाला में पारमार्थिक शिक्षण संस्था के अध्यक्ष बजरंग जैन, महिला मंडल अध्यक्षा रिजु डूंगरवाल, संयोजक विमल धारीवाल, तेयुप पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थे।इससे पूर्व प्रात: काल जैन युवा संगठन द्वारा कुंडलपुर नगरी में आयोजित जन्म कल्याणक समारोह में आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर ने हड्डी और मांशपेशियों की जांच के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया। कुल 154 लोगों ने इस शिविर का लाभ लिया। तरुण पटावरी, विनोद कोठारी, प्रतीक जोगड़, पंकज भंडारी, रेनू कोठारी, प्रदीप चोपड़ा एवं जितेंद्र कोचर शिविर में विशेष सहयोग रहा।
Updated on:
23 Apr 2024 02:16 pm
Published on:
23 Apr 2024 01:56 pm
