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अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को 100 करोड़ से अधिक का अनुदान, शेष को भुगतान की मांग

बारां. बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र में खरीफ वर्ष 2025 के दौरान हुई अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से कई किसानों की फसलें नष्ट हो गई थीं। इसे लेकर विधायक राधेश्याम बैरवा ने राजस्थान विधानसभा में विशेष उल्लेख (प्रस्ताव संख्या 295) के माध्यम से किसानों को स्वीकृत कृषि अनुदान का मुद्दा उठाया।विधायक बैरवा ने बताया कि राज्य सरकार […]

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बारां

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Mukesh Gaur

Jan 30, 2026

बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र में खरीफ वर्ष 2025 के दौरान हुई अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से कई किसानों की फसलें नष्ट हो गई थीं।

विधानसभा


बारां. बारां-अटरू विधानसभा क्षेत्र में खरीफ वर्ष 2025 के दौरान हुई अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाओं से कई किसानों की फसलें नष्ट हो गई थीं। इसे लेकर विधायक राधेश्याम बैरवा ने राजस्थान विधानसभा में विशेष उल्लेख (प्रस्ताव संख्या 295) के माध्यम से किसानों को स्वीकृत कृषि अनुदान का मुद्दा उठाया।
विधायक बैरवा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए बारां जिले के लगभग 1 लाख 42 हजार किसानों के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का कृषि अनुदान स्वीकृत किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि इससे अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत मिली है।
उन्होंने सदन को अवगत कराया कि अधिकांश किसानों के खातों में मुआवजे की राशि जमा हो चुकी है, जबकि कुछ किसानों के भुगतान अभी लंबित हैं। यह देरी डीएमआईएस पोर्टल पर डेटा अपलोड न होने या तकनीकी कारणों से हुई है। विधायक बैरवा ने सरकार से मांग की कि ऐसे किसानों की प्रक्रिया सरल बनाकर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे।
विधायक बैरवा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के किसान-हितैषी ²ष्टिकोण के तहत शीघ्र ही सभी पात्र किसानों को मुआवजे का लाभ मिलेगा और क्षेत्र का कोई भी किसान राहत से वंचित नहीं रहेगा।

विधानसभा में उठाया परवन वृहद
पेयजल परियोजना में देरी का मुद्दा

बारां. किशनगंज-शाहाबाद विधायक डॉ. ललित मीणा ने आज विधानसभा में जनता के हित और परवन वृहद पेयजल परियोजना को लेकर सरकार के समक्ष गंभीर मुद्दा उठाया। विधायक ने कहा कि यह अत्यंत ङ्क्षचता का विषय है कि केंद्र सरकार की ‘जल जीवन मिशन’ योजना के अंतर्गत इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति 3 सितंबर 2021 को प्राप्त होने के बावजूद, प्रशासन और विभागीय सुस्ती के कारण इसका कार्यादेश जारी करने में चार वर्ष से अधिक का समय लग गया। कार्यादेश 5 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। डॉ. मीणा ने सदन को अवगत कराया कि परियोजना में हुई देरी से क्षेत्र के ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने में समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि परियोजना का कार्य अत्यंत धीमी गति से क्यों संचालित हो रहा है। वहीं, उत्तर में मंत्री महोदय ने आश्वस्त किया कि परियोजना का कार्य दो वर्षों के भीतर पूर्ण किया जाएगा और विधानसभा क्षेत्र को शीघ्र पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
विधायक डॉ. मीणा ने सदन में यह भी जोर दिया कि जनता के लिए इस प्रकार की बुनियादी सुविधाओं का समय पर क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है, और प्रशासन को परियोजना की प्रगति पर सतत निगरानी रखनी चाहिए।

विधायक ङ्क्षसघवी ने उठाया हैंडपंपों का मुद्दा

छबड़ा. विधायक प्रताप ङ्क्षसह ङ्क्षसघवी ने विधानसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से छबड़ा में दो वर्षों के दौरान स्थापित किए गए हैंडपंपों की जानकारी मांगी। इस पर विभाग ने जवाब में बताया कि इस अवधि में 51 हैंडपंपों की स्वीकृति जारी की गई। इनमें से 46 हैंडपंपों का वैधन किया गया, जबकि वैधन के दौरान पांच हैंडपंप सूखे पाए गए। वहीं 19 हैंडपंपों का निर्माण कार्य पूर्ण कर उन्हें चालू कर दिया गया है। विभाग ने बताया कि उक्त अवधि में स्थापित सभी हैंडपंप वर्तमान में चालू अवस्था में हैं। विधायक ङ्क्षसघवी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र छबड़ा में मरम्मत योग्य खराब हैंडपंपों की मरम्मत विभाग द्वारा सतत प्रक्रिया के तहत हैंडपंप अभियान एवं दर-संविदा के आधार पर संवेदकों के माध्यम से निर्धारित समयावधि में कराई जा रही है। उन्होंने छबड़ा एवं छीपाबड़ौद क्षेत्र में व्याप्त पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं के कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की।