
बरेली। उत्तराखंड की पहाड़ियों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब बरेली, काठगोदाम और रामनगर रूट पर रेल यात्रा पहले से ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक और तेज होने जा रही है। पूर्वोत्तर रेलवे ने चार प्रमुख ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोच हटाकर आधुनिक एलएचबी कोच लगाने की तैयारी पूरी कर ली है।
रेलवे से इन चारों ट्रेनों में एलएचबी कोच लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। फिलहाल कोचों की उपलब्धता का इंतजार किया जा रहा है। एलएचबी कोच 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होते हैं और सुरक्षा के लिहाज से इन्हें ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है।
टनकपुर, पीलीभीत और बरेली–लालकुआं रेलखंड पर भले ही अभी ट्रेनों का दबाव कम हो, लेकिन यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर दिल्ली और राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों की आवाजाही में तेजी आई है। इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन इन रूटों पर तेज रफ्तार ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे अब तक नौ ट्रेनों में पुराने आईसीएफ कोच हटाकर एलएचबी कोच लगा चुका है। इससे न सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार बढ़ी है, बल्कि सफर भी पहले से ज्यादा आरामदायक हो गया है। यात्रियों की प्रतिक्रिया भी इस बदलाव को लेकर सकारात्मक रही है।
अब जिन चार ट्रेनों को एलएचबी कोचों से जोड़ा जाएगा, उनमें उत्तरांचल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, रामनगर लिंक एक्सप्रेस, रानीखेत एक्सप्रेस और कार्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेनें काठगोदाम और रामनगर से दिल्ली और जैसलमेर तक सफर करती हैं।
इज्जतनगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा के मुताबिक, इन ट्रेनों के लिए कोच मंगवाने की प्रक्रिया चल रही है। अगले चरण में अन्य ट्रेनों को भी एलएचबी कोचों से लैस करने की योजना है। एलएचबी कोच लगने से यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित यात्रा, बेहतर सस्पेंशन, कम झटके और कम समय में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। इससे उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान के बीच रेल सफर और भी सुविधाजनक हो जाएगा।
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Published on:
02 Feb 2026 06:00 am
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