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Barmer:10 साल तक बेईमानी से करते रहे नौकरी, लेकिन एक मामूली गलती से गिरफ्तार हो गए तीन पुलिसवाले, पढ़ें पूरी खबर

Constables Fraud News: करीब एक दशक तक ये तीनों बेखौफ होकर अपनी सेवाएं देते रहे, लेकिन हाल ही में जब बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने पुराने सेवा रिकॉर्ड्स की समीक्षा की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया।

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Police Demo Pic

Barmer News: राजस्थान में फर्जीवाड़े के दम पर सरकारी नौकरी पाने वालों के खिलाफ 'क्लीन स्वीप' अभियान जारी है। ताजा मामला बाड़मेर जिले का है, जहां 10 साल तक पुलिस की वर्दी पहनकर सेवा देने वाले तीन कॉन्स्टेबलों का काला चिट्ठा अब जाकर खुला है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इन तीनों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही महकमे में हड़कंप मच गया है।

सालों तक छिपकर रहे, लेकिन फाइलों ने गवाही दे दी

यह पूरा मामला साल 2014 की पुलिस भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। आरोप है कि ओमप्रकाश, गंगाराम और सुमेरमल नामक इन तीनों अभ्यर्थियों ने खुद परीक्षा देने के बजाय 'डमी कैंडिडेट्स' (फर्जी परीक्षार्थी) का सहारा लिया था। करीब एक दशक तक ये तीनों बेखौफ होकर अपनी सेवाएं देते रहे, लेकिन हाल ही में जब बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने पुराने सेवा रिकॉर्ड्स की समीक्षा की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया।

हस्ताक्षर और बायोमैट्रिक्स ने बिगाड़ा खेल

जांच के दौरान जब इन कॉन्स्टेबलों के आवेदन पत्र, ओएमआर शीट (OMR Sheet) और जॉइनिंग के समय किए गए हस्ताक्षरों का मिलान किया गया, तो वे आपस में मेल नहीं खाए।

  • मिसमैच सिग्नेचर: परीक्षा के एडमिट कार्ड पर किए गए साइन और असल सेवा रिकॉर्ड के साइन पूरी तरह अलग थे।
  • कॉल रिकॉर्ड्स: SOG ने मोबाइल नंबरों की सीडीआर (CDR) और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए यह पुख्ता किया कि परीक्षा के दिन इनकी लोकेशन और गतिविधि संदेहास्पद थी।कहां-कहां तैनात थे ये 'फर्जी' सिपाही?पकड़े गए आरोपियों में से ओमप्रकाश वर्तमान में बाड़मेर कोतवाली में तैनात था, जबकि गंगाराम सेड़वा थाने में अपनी सेवाएं दे रहा था। तीसरा आरोपी सुमेरमल तो और भी आगे निकल गया था, वह जयपुर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) जैसी महत्वपूर्ण विंग में कार्यरत था।SOG अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इन तीनों को डमी कैंडिडेट किसने उपलब्ध कराए थे और क्या इस गिरोह के तार अन्य पुरानी भर्तियों से भी जुड़े हैं। राजस्थान सरकार की इस जीरो टॉलरेंस नीति ने उन लोगों की नींद उड़ा दी है जो सालों पहले धांधली करके सिस्टम में घुस आए थे।

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