
Sadhvi Prem Baisa death case (Patrika Photo)
Sadhvi Prem Baisa death case: राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। मौत के पीछे की असली वजह क्या है? क्या यह प्राकृतिक मौत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए SIT ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
SIT ने प्रेम बाईसा की मौत की मिस्ट्री को सुलझाने के लिए उनके DNA सैंपल जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजे हैं। FSL डायरेक्टर अजय शर्मा के मुताबिक, मुख्य रूप से वेजाइनल स्वाब की जांच की जा रही है।
इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि क्या वहां 'ह्यूमन सीमन' की मौजूदगी है। यदि सीमन की पुष्टि होती है, तो पुलिस DNA मिलान के जरिए संदिग्धों तक पहुंचेगी। यह रिपोर्ट केस की दिशा बदलने में सबसे महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
जांच में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पुलिस ने साध्वी के पिता के बायोलॉजिकल संबंध पर संदेह जताया। SIT यह स्पष्ट करना चाहती है कि क्या उनके पिता वास्तव में उनके जैविक पिता हैं या नहीं। इसके साथ ही, विसरा जांच की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। यदि विसरा में जहर की पुष्टि नहीं होती है, तो SIT ने स्पष्ट किया है कि पिता और केयरटेकर सुरेश का पॉलीग्राफ टेस्ट (लाई डिटेक्टर टेस्ट) कराया जा सकता है।
जांच को पुख्ता बनाने के लिए SIT ने घटनास्थल यानी आश्रम से 35 अलग-अलग तरह के सैंपल एकत्र किए हैं। इन सैंपलों में शामिल हैं खाने के बर्तन और आश्रम की मिट्टी, साध्वी द्वारा इस्तेमाल की गई चद्दर, तौलिया और कंघा, डस्टबिन से मिले अवशेष और इंजेक्शन की सिरिंज और दवा की बोतलें। विशेषज्ञ यह भी जांच रहे हैं कि क्या साध्वी को वास्तव में अस्थमा की शिकायत थी या नहीं। इसके लिए उनकी पुरानी दवाओं के सैंपल भी चेक किए जा रहे हैं।
मौत जहर से हुई है या किसी अन्य कारण से, इसे स्पष्ट करने के लिए शरीर के लीवर, फेफड़े, हार्ट और आंत समेत कई महत्वपूर्ण अंगों के सैंपल FSL को सौंपे गए हैं। इस जटिल जांच प्रक्रिया की रिपोर्ट आने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है।
SIT ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए अब तक 10 संदिग्धों और करीबियों से पूछताछ की है। टीम उस अस्पताल भी पहुंची, जहां साध्वी को बेहोशी की हालत में सबसे पहले ले जाया गया था। वहां के डॉक्टरों के बयान और मेडिकल रिकॉर्ड्स को कब्जे में ले लिया गया है, ताकि मौत के समय की स्थितियों का मिलान किया जा सके।
Published on:
06 Feb 2026 01:52 pm
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