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राजस्थान में पंचायत चुनाव ने पकड़ी रफ्तार, इस कस्बे की 42 ग्राम पंचायतों के 410 वार्ड तय, राजनीति हलचल तेज

राजस्थान पंचायती राज चुनाव की तैयारियों ने बस्सी उपखण्ड में रफ्तार पकड़ ली है। पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत समिति बस्सी की सभी 42 ग्राम पंचायतों के वार्डों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया।

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Rajasthan Panchayat Elections

Rajasthan Panchayat Elections (Patrika File Photo)

Rajasthan Panchayat Election : बस्सी। राजस्थान पंचायती राज चुनाव की तैयारियों ने बस्सी उपखण्ड में रफ्तार पकड़ ली है। पुनर्गठन, पुनर्सीमांकन और पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत समिति बस्सी की सभी 42 ग्राम पंचायतों के वार्डों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया।

उपखण्ड अधिकारी डॉ. गरिमा शर्मा द्वारा जारी इस प्रकाशन के साथ ही पंचायत समिति क्षेत्र में कुल 410 वार्ड तय हो गए हैं। इसके साथ ही पंचायत चुनावों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई और ग्रामीण राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वार्डों के अंतिम प्रकाशन के बाद अब अगला और सबसे अहम चरण आरक्षण की लॉटरी का होगा।

इसी लॉटरी से यह स्पष्ट होगा कि कौन-सा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा और किस श्रेणी के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर सकेंगे। ऐसे में संभावित दावेदारों की निगाहें अब आरक्षण सूची पर टिकी हुई हैं। अंतिम प्रकाशन से पूर्व ग्राम पंचायतों में वार्डों की संख्या, सीमा और स्वरूप को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब उन चर्चाओं पर विराम लग गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कई गांवों में बैठकों और आपसी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, जहां यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आरक्षण किस ओर जाएगा और किसे चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा।

पंचायती राज अधिनियम के अनुसार ग्राम पंचायत में पंच एवं सरपंच पद का चुनाव वही व्यक्ति लड़ सकता है, जो संबंधित ग्राम पंचायत का निवासी हो। हालांकि, कोई भी पात्र व्यक्ति ग्राम पंचायत के किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, बशर्ते वह उस वार्ड के लिए घोषित आरक्षित श्रेणी में आता हो। ऐसे में आरक्षण की घोषणा के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा कि किस दावेदार की स्थिति मजबूत है और किसे इंतजार करना पड़ेगा।

बड़ी ग्राम पंचायतों में अधिक वार्ड

पंचायत समिति बस्सी में जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति के आधार पर वार्डों का निर्धारण किया गया है। सबसे अधिक 25 वार्ड ग्राम पंचायत बांसखोह में बनाए गए हैं। इसके बाद जटवाड़ा ग्राम पंचायत में 15 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। वहीं सांभरिया, पालावाला जाटान और टोडाभाटा ग्राम पंचायतों में 13-13 वार्ड बनाए गए हैं, जहां चुनावी सरगर्मियां अभी से तेज नजर आने लगी हैं।

11 और 9 वार्ड वाली पंचायतें

रामरतनपुरा, विजयमुकुंदपुरा (हीरावाला), कुंथाड़ा खुर्द, घाटा, बैनाड़ा, मानगढ़ खोखावाला, झर, खोरी और टहटड़ा में 11-11 वार्ड बनाए गए हैं। वहीं पंचायत समिति की सर्वाधिक 19 ग्राम पंचायतों में 9-9 वार्ड तय किए गए हैं, जहां सीमित वार्ड होने से सीधा और कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है।

7 वार्ड वाली पंचायतें

रामसिंहपुरा, बूड़थल, सांख श्योपुरी, खिजुरिया ब्राह्मणान, बराला, किशनपुरा, भाजुपुरा, झाझवाड़ और नांगल बोहरा में 7-7 वार्ड बनाए गए हैं। यहां स्थानीय मुद्दे और सामाजिक समीकरण चुनावी परिणामों में अहम भूमिका निभाएंगे। वार्डों के अंतिम प्रकाशन के साथ ही अब ग्रामीणों और दावेदारों में उत्सुकता बढ़ गई है। प्रशासनिक स्तर पर भी चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इनका कहना है

पंचायत समिति बस्सी की सभी ग्राम पंचायतों के वार्डों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है।
डॉ. गरिमा शर्मा, उपखण्ड अधिकारी, बस्सी