
4.83 करोड़ से केरिया अम्बा माई- भोपाली मार्ग
पत्रिका की मुहिम रंग लाई
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बैतूल। क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भोपाली जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं और वन ग्रामवासियों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। वर्षों से जर्जर और धूल भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर श्रद्धालुओं की पीड़ा को पत्रिका ने लगातार उठाया और उसी जनहित मुहिम का परिणाम अब धरातल पर उतरता दिख रहा है। आमला-सारणी विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने दोपहर ठीक 3 बजे ग्राम केरिया से वन ग्राम अम्बा माई होते हुए भोपाली तक बनने वाले मार्ग का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। करीब 4 करोड़ 83 लाख से सडक़ का निर्माण किया जाएगा।
ग्राम केरिया से अम्बा माई और भोपाली तक का यह मार्ग दशकों से बदहाली का शिकार था। वन क्षेत्र होने और तकनीकी अड़चनों के चलते सडक़ निर्माण वर्षों तक अटका रहा। महाशिवरात्रि, सावन के सोमवार और विशेष धार्मिक आयोजनों पर श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। पत्रिका ने इस समस्या को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद शासन-प्रशासन हरकत में आया और आखिरकार सडक़ निर्माण को स्वीकृति मिली।भूमिपूजन कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के बीच विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने शिलालेख का अनावरण किया और स्वयं फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भोपाली और अम्बा माई क्षेत्र की आस्था के बड़े केंद्र हैं। श्रद्धालुओं को कष्ट न हो, यह उनकी प्राथमिकता है। यह सडक़ न सिर्फ आवागमन सुगम बनाएगी, बल्कि वन ग्रामों को मुख्य धारा से जोड़ेगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी
सडक़ निर्माण की घोषणा और अब भूमिपूजन से ग्रामीणों में उत्साह है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस मार्ग के बन जाने से भोपाली, अम्बा माई मंदिर और शिखर गुफा में शिव बाबा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
श्रद्धालुओं ने किया पत्रिका का धन्यवाद।
श्रद्धलु अशोक मलैया ने बताया हम सालों से इस सडक़ की मांग कर रहे थे। पत्रिका ने हमारी आवाज को मंच दिया, तभी आज यह सपना साकार हुआ। पत्रिका की मुहिम नहीं होती तो शायद यह सडक़ अभी भी फाइलों में ही रहती। आज भूमिपूजन देखकर बहुत खुशी हो रही है। राजकुमार साहू ने बताया बरसात में भोपाली जाना बहुत मुश्किल था। पत्रिका ने दर्द समझा और लगातार खबरें छापीं, उसी का नतीजा है यह सडक़ है। कमलेश झल्लारे ने कहा कि सडक़ बनेगी तो श्रद्धालु बढ़ेंगे, रोजगार मिलेगा। इसके लिए पत्रिका का दिल से धन्यवाद। पत्रिका की मुहिम सार्थक रही। पत्रिका ने हम श्रद्धालुओं की समस्या को शासन तक पहुंचाया। जनहित मुहिम चलाई। जिसके परिणाम भी सामने देखने को मिल रहे हैं।
Published on:
17 Jan 2026 09:16 pm
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