10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भरतपुर में 29 महिलाओं से 96 लाख की ठगी, रोजगार के नाम पर दिया झांसा

भरतपुर के पहाड़ी क्षेत्र में रोजगार के नाम पर पति-पत्नी ने 29 महिलाओं को झांसा देकर 96 लाख रुपए की ठगी की, पुलिस जांच जारी है।

2 min read
Google source verification

भरतपुर

image

Ankit Sai

Jan 19, 2026

Fraud Case

29 महिलाओं से 96 लाख रुपए की ठगी फोटो-पत्रिका

भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में महिलाओं से बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। यहां 29 महिलाओं से करीब 96 लाख रुपए की ठगी की गई। ठगी करने वाले पति-पत्नी ने महिलाओं को चूड़ी, साड़ी और सेनेटरी पैड बनाने की मशीन लगाने का लालच दिया। लेकिन पूरी मशीन देने की बजाय केवल उसके कुछ पार्ट्स ही दिए गए। जब महिलाओं ने पूरी मशीन की मांग की तो आरोपी टाल-मटोल करते रहे। बाद में उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया।

इस ठगी की शिकार महिलाओं ने पहले राजीविका के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि कुछ समय बाद अधिकारियों ने भी फोन रिसीव करना बंद कर दिया। इसके बाद महिलाओं ने थाने का रुख किया। यह मामला भरतपुर के पहाड़ी थाना क्षेत्र का है।

महिलाओं ने रविवार को शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार को वे थाने के बाहर पहुंच गईं। पहाड़ी थाना एसएचओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि महिलाओं की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।

अप्रेल 2025 में शुरू हुआ पूरा मामला

शिकायत में बताया गया है कि पहाड़ी ब्लॉक में राजीविका के एक हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं। अप्रेल 2025 में राजीविका जिला कार्यालय में डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DMJB) निखिल और डिस्ट्रिक्ट मैनेजर लाइव नॉन फार्म (DMNF) रिचा यादव ने कुछ महिलाओं को कार्यालय बुलाया। वहां उनकी मुलाकात शिव सिन्हा नाम के व्यक्ति से कराई गई।

शिव सिन्हा और उसकी पत्नी पूनम ने महिलाओं को ज्यादा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मशीन लगाने से अच्छी आमदनी होगी और अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिलेगा। इसके बाद महिलाओं से नकद रुपए ले लिए गए, लेकिन पूरी मशीन नहीं दी गई।

पैसे दिए, मशीन नहीं मिली

महिलाओं का कहना है कि कुछ को सिर्फ मशीन के पार्ट्स दिए गए। जब पूरी मशीन के बारे में पूछा गया तो आरोपी बहाने बनाने लगे। बाद में उनसे संपर्क ही नहीं हो पाया। कई महिलाओं ने ब्याज पर पैसे लेकर दिए थे, तो कुछ ने अपने गहने गिरवी रखकर रकम जुटाई थी।

राजीविका अधिकारी का कॉल आने का आरोप

पीड़ित महिला प्रीति ने बताया कि वह राजीविका के मेलों में दुकान लगाती है। उसे DMNF रिचा यादव का फोन आया था। कॉल में कहा गया कि उसका काम अच्छा है और जिला स्तर पर बुलाकर बेहतर रोजगार दिलाने की बात कही गई।

प्रीति के अनुसार, पहले उसने पैसे न होने की बात कही, लेकिन कहा गया कि पैसे की व्यवस्था हो जाएगी और आगे अच्छा मुनाफा होगा। बाद में उससे कहा गया कि वह पहाड़ी ब्लॉक की अन्य महिलाओं से भी संपर्क करे। आरोप है कि इसके बाद राजीविका से महिलाओं के नाम और नंबर लेकर कई महिलाओं को इसी तरह फोन किए गए।

अलग-अलग मशीनों का दिया लालच

किसी महिला को सेनेटरी पैड बनाने की मशीन का लालच दिया गया, तो किसी को चूड़ी, अगरबत्ती या साड़ी पर स्टोन लगाने की मशीन का। इस तरह 29 महिलाओं को झांसे में लेकर ठगी की गई। प्रीति ने बताया कि उससे 4 लाख 60 हजार रुपए लेकर साड़ियों पर स्टोन लगाने की मशीन बताकर अधूरा सामान दिया गया।

वहीं, सोनवती से 7 लाख रुपए लेकर सेनेटरी पैड मशीन के सिर्फ पार्ट्स दिए गए। बाकी महिलाओं को भी अधूरा सामान दिया गया। आरोप है कि शिव सिन्हा खुद को एनजीओ से जुड़ा बताकर महिलाओं को फायदा दिलाने और पूरा सामान देने का भरोसा देता रहा, लेकिन अंत में सभी को ठग लिया गया।