
Girl students raised the voice of tribal pride, remembered the struggle of Birsa Munda
सेठ मुरलीधर मानसिंहका (सेमुमा) राजकीय कन्या महाविद्यालय में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। महिला प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने न केवल बिरसा मुंडा के बलिदान को याद किया, बल्कि राजस्थान की माटी से जुड़ी जनजातीय परंपराओं को भी जीवंत कर दिया। महाविद्यालय परिसर में आयोजित विविध प्रतियोगिताओं की अध्यक्षता प्राचार्य सावन कुमार जांगिड़ ने की। उन्होंने छात्राओं से कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस देता है।
भाषण प्रतियोगिता का विषय 'जनजातीय समाज एवं संस्कृति' रखा गया था। इसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हुए भारतवर्ष और विशेषकर राजस्थान की प्रमुख जनजातियों भील, मीणा, सहरिया और गरासिया की सामाजिक परंपराओं पर अपने विचार रखे। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम सोमानी चौधरी, द्वितीय तनु शर्मा, तृतीय प्रीति शर्मा एवं अंजना शर्मा। निर्णायक मंडल में प्रणव कुमार व्यास एवं डॉ. वर्षा सिखवाल थे। साहित्यिक समिति के सूर्यप्रकाश पारीक ने बताया कि बिरसा मुंडा जयंती के साथ ही महाविद्यालय में विकसित भारत 2047 एवं स्वदेशी विषय पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें 100 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। संचालन सूर्य प्रकाश पारीक ने किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अंजलि अग्रवाल, केके मीणा, गौरव कारवाल, महिला प्रकोष्ठ सदस्य ज्योति, नेहा शर्मा, हेमंता मीणा, नीलम व रेखा चावला ने सक्रिय सहयोग दिया।
Published on:
06 Feb 2026 09:09 pm
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