
Teachers in government schools will now be identified through 'Face ID'
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षकों और कर्मचारियों की पहचान को लेकर पारदर्शिता बरती जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी करते हुए प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कार्मिकों का विवरण फोटो सहित सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। अब स्कूल में प्रवेश करते ही आगंतुकों को पता चल सकेगा कि स्कूल में कौन-कौन से शिक्षक नियुक्त हैं।
निदेशालय के आदेश के अनुसार, स्कूलों में 'हमारे शिक्षक/कार्मिक' शीर्षक से एक बोर्ड लगाना होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों की सही पहचान सुनिश्चित करना और शैक्षणिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। अक्सर यह शिकायतें आती थीं कि कई जगहों पर प्रतिनियुक्ति या अन्य कारणों से शिक्षकों की पहचान स्पष्ट नहीं होती थी, लेकिन अब फोटो और पद की जानकारी सार्वजनिक होने से व्यवस्था में सुधार होगा।
निदेशालय ने एक विशिष्ट प्रारूप (टेबल) जारी किया है। इसमें शिक्षकों को अपनी निम्नलिखित जानकारियां अपडेट करनी होगी। शिक्षक/कार्मिक की नवीनतम फोटो। शिक्षक/कार्मिक का पूरा नाम। विभाग की ओर से जारी एम्प्लॉई आईडी। जन्म तिथि। शैक्षणिक एवं प्रोफेशनल योग्यता। पद का नाम। पढ़ाया जाने वाला विषय।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी जब भी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे, तो वे अनिवार्य रूप से यह जांचेंगे कि सूचना पट्ट पर दी गई जानकारी वास्तविक है या नहीं। कोताही बरतने वाले संस्था प्रधानों पर कार्रवाई की जा सकती है।
निदेशक सीताराम जाट ने आदेश में सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिले के सभी स्कूलों में इस आदेश की अक्षरश: पालना सुनिश्चित कराएं। कार्य पूर्ण होने के बाद इसकी सूचना निर्धारित ई-मेल आईडी पर निदेशालय को भी भेजनी होगी।
Published on:
13 Feb 2026 10:02 am
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