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एनजीटी के डंडे से कोटड़ी तालाब की पाल पर चला प्रशासन का पीला पंजा

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी कस्बे में मंगलवार को प्रशासन का भारी लाव-लश्कर ‘पीलापंजा’ लेकर सड़कों पर उतरा। फतेहसागर तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन ने जहाजपुर रोड स्थित पाल क्षेत्र में चिन्हित किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर […]

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Due to the stick of NGT, the yellow paw was used on the embankment of Kotdi pond.

Due to the stick of NGT, the yellow paw was used on the embankment of Kotdi pond.

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के सख्त रुख के बाद भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी कस्बे में मंगलवार को प्रशासन का भारी लाव-लश्कर 'पीलापंजा' लेकर सड़कों पर उतरा। फतेहसागर तालाब के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासन ने जहाजपुर रोड स्थित पाल क्षेत्र में चिन्हित किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई और लोग अपने आशियानों को उजड़ते देख बेबस नजर आए।

अलसुबह पहुंची संयुक्त टीम मंगलवार सुबह जैसे ही प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ जहाजपुर रोड पर फतेहसागर तालाब की पाल पर पहुंची, वहां हड़कंपमच गया। टीम ने पहले से चिन्हित किए गए अतिक्रमणों पर बिना समय गंवाए बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते पक्के निर्माण ढहने लगे।

धार्मिक और सार्वजनिक स्थल भी जद में

कस्बे में चर्चा है कि एनजीटी की इस सूची में न केवल निजी मकान, बल्कि कई धार्मिक स्थल और सार्वजनिक भवन भी शामिल हैं। इसको लेकर लोगों में भारी संशय और चिंता बनी हुई है।

प्रभावित परिवारों की बढ़ी धड़कनें

सालों से रह रहे परिवारों को जब अपने घर टूटते दिखे, तो वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी गईं। कई लोगों ने सामान समेटने की मोहलत मांगी, लेकिन प्रशासन सख्त नजर आया।

एनजीटी का हवाला

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यह कार्रवाई किसी के व्यक्तिगत विरोध में नहीं, बल्कि सीधे तौर पर एनजीटी के आदेशों की पालना में की जा रही है।

सुरक्षा के कड़े पहरे में कार्रवाई

किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। राजस्व विभाग की टीम नक्शों के आधार पर सीमाओं का मिलान कर रही थी और अतिक्रमण के दायरे में आने वाले हिस्सों को तुरंत हटाया जा रहा था। देर शाम तक कार्रवाई जारी रही।