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कनेरा लिफ्ट एरीगेशन की फीडर कैनाल पर 200 मीटर तक कब्जा

#Kanera Lift Irrigation रवींद्र सिंह कुशवाह, भिण्ड. अटेर क्षेत्र में हरित क्रांति के लिए निर्माणाधीन 152.65 करोड़ रुपए की कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना में प्रस्तावित फीडर नहर निर्माण की जगह पर लोक सेवा यांत्रिकी विभाग ने अतिक्रमण कर 200 मीटर रोड बना ली है। बिजली वितरण कंपनी ने भी जल संसाधन विभाग की बिना अनुमति […]

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बिजली कंपनी के पोल भी बने बाधक, काम अगस्त से ठप, अब पत्राचार शुरू -बिजली वितरण कंपनी में भी लगा दिए हैं पोल, 152 करोड़ की परियोजना में निर्धारित समय अवधि में काम पूरा होना मुश्किल

एबीसी मेंं पानी डालने के लिए बिछाए पाइप।

#Kanera Lift Irrigation
रवींद्र सिंह कुशवाह, भिण्ड. अटेर क्षेत्र में हरित क्रांति के लिए निर्माणाधीन 152.65 करोड़ रुपए की कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना में प्रस्तावित फीडर नहर निर्माण की जगह पर लोक सेवा यांत्रिकी विभाग ने अतिक्रमण कर 200 मीटर रोड बना ली है। बिजली वितरण कंपनी ने भी जल संसाधन विभाग की बिना अनुमति के पाले लगा दिए हैं। फीडर नहर निर्माण के लिए अधिगृहित भूमि से अतिक्रमण की वजह से निर्माण कार्य ठप हो गया है। अतिक्रमण न हटने तक यह कार्य रुका रहेगा। फीडर नहर का निर्माण करीब 1200 मीटर में कराया जाना है। जिसमें से 200 मीटर पर आरईएस ने रोड बना दी है। वहीं बिजली कंपनी के करीब 20 पोल का भी व्यवधान आ रहा है, जिससे निर्माण कार्य वर्ष 2026 के अंत तक खिंच सकता है। फीडर नहर निर्माण का कार्य अगस्त 2025 में शुरू होना था, जो अब तक बंद है।

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3.97 करोड़ से 152.65 करोड़ तक पहुंची लागत
चंबल नदी के कनेरा घाट पर उद्वहन सिंचाई परियोजना को 3.97 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति 16 नवंबर 1980 को मिली थी। पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति सात अगस्त 2007 को 46.95 करोड़ रुपए की मिली थी। जिसमें कार्य सात जनवरी 2010 तक कार्य पूरा होना था। उसके बाद पांच अक्टूबर 2023 को 152.65 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली, जिसका कार्य जून 2026 तक पूरा किया जाना है।

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परियोजना एक नजर में
चंबल का पानी उठाकर लाने के लिए 335 मीटर लंबा एप्रोच ब्रिज बनाया जा रहा है। 1830 मीटर लंबी मैन राइजिंग होगी। फीडर 1130 मीटर का और इंटकवेल 16 मीटर व्यास का बनाया जा रहा है। इंटेक चैनल 2 गुणा दो मीटर व्यास का होगा। जबकि जेक वेल 23 मीटर व्यास का होगा। सर्वाधिक 549 हेक्टेयर में कनेरा, 490 हेक्टेयर में कोषण एवं 486 हेक्टेयर में विरगवां-रानी में सिंचाई होगी।

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इन गांवों को मिलेगा सिंचाई का पानी

कनेरा, बूढऩपुर, खैराहट, अहरौली काली, गड़ेर, चौम्हों, रायपुर, विंडवा, सालिंगपुरा, हुलापुरा, रानीपुरा, खिपौना, खेरी, जमसरा, कदौरा, तरसोखर, नरीपुरा, नावलीहार, खरिका, निवारी, जम्होरा, बलारपुरा, गोहदूपुरा, जलपुरा, जलपुरी, तोरकापुरा, बमनपुरा, बढ़पुरी, रमटा, रिदौली, दैपुरा, अनुरुद्धपुरा, उदनखेड़ा, बड़पुरा, किशूपुरा, जौरी-कोतवाल, छिडिय़ापुरा, कारेकापुरा, आकौन, नखलौली, सूरपुरा, चितावली, जलुआपुरा, अनुरुद्धपुरा, कल्यानपुरा, परा, सोई, जनौरा, रायपुरा, सुरपुरा, मधैयापुरा, कमई, सांगलीतोर, हरपुरा, दुल्हागन, गजना, दतावली, क्यारीपुरा, भगतुआपुरा, मनेपुरा, कोसड़, चिलोंगा, बिजौरा, हमीरपुरा को लाभ मिलेगा। इसके अलावा बरकापुरा, परियाया, जौरी-अहीर, सकराया, चांचर, गढ़ा, बड़ेरी, भीमपुरा, नरीपुरा, रानीपुरा, विरगवां-रानी, रमा, चांसड़, बरही, कपूरपुरा, जाजेपुरा, सपाड़, फूपखुर्द, करियापुरा, कुरौली, सांकरी, खुमावली, जावई आदि गांव शामिल हैं।

फैक्ट फाइल

1150 हॉर्स पॉवर क्षमता के पांच पंप स्थापित होंगे।
200 क्यूसेक पानी लिफ्ट कर नहर में डाला जाएगा।
9550 हेक्टेयर में रबी फसलों की सिंचाई प्रस्तावित।
2850 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की सिंचाई का प्रस्ताव।
3100 हेक्टेयर में अन्य फसलों की सिंचाई का प्रस्ताव।
15500 हेक्टेयर में कुल फसलों की सिंचाई का प्रस्ताव।

कथन-

रोड को नहर के हिस्से में आरईएस वाले घुमाएंगे। कलेक्टर ने विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं बिजली कंपनी के खंभे पहले लगे थे, लेकिन वे भी शिफ्ट किए जाएंगे। पत्राचार शुरू कर दिया है, जल्द प्रगति दिखाई देगी।
महेंद्र कुमार अगरैया, प्रभारी एसडीओ, जल संसाधन विभाग, अटेर