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स्मार्ट शहर के लिए सभी 16 शहरों की डीपीआर एक साथ होगी तैयार

भिवाड़ी. औद्योगिक नगरी को स्मार्ट शहर बनाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढऩे लगी है। रुडिसको में बैठक हुई थी, जिसमें डीपीआर तैयार कराने का निर्णय लिया है। सभी 16 शहरों की डीपीआर का टेंडर एक साथ होगा। शहर में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी रुडिसको को दे दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष के […]

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रुडिसको में हई बैठक में लिया निर्णय

भिवाड़ी. औद्योगिक नगरी को स्मार्ट शहर बनाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढऩे लगी है। रुडिसको में बैठक हुई थी, जिसमें डीपीआर तैयार कराने का निर्णय लिया है। सभी 16 शहरों की डीपीआर का टेंडर एक साथ होगा। शहर में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी रुडिसको को दे दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश सरकार ने केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर प्रदेश के 16 शहरों को विकसित करने के लिए 900 करोड़ रुपए का कोष देने की घोषणा की थी। उक्त बजट से आगामी तीन वर्ष में 16 शहरों को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी के रूप में विकसित किया जाना है, इसमें भिवाड़ी को भी शामिल किया गया था। औद्योगिक शहर को स्मार्ट नगरी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने अच्छी घोषणा की थी। गत वर्ष 19 फरवरी को बजट पेश हुआ था। बजट पेश होने के 11 महीने बाद उक्त घोषणा को धरातल पर उतारने के लिए भिवाड़ी में प्रक्रिया शुरू हुई है। गत महीने स्थानीय स्तर पर तैयारी करने के बाद रुडिसकों के साथ बैठक हुई। बैठक में स्मार्ट सिटी के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार कर रुडिसको को दी गई। बजट घोषणा के तहत विकास कार्य कराए जाने के लिए अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई जाएगी। डीपीआर तैयार करने वाली एजेंसी को नगर परिषद के अधिकारी सहयोग करेंगे।

शहर में आएगा बदलाव
स्मार्ट सिटी में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होता है, जिसमें सेंसर के जरिए पानी की लीकेज और बर्बादी रोकी जाती है, आपूर्ति की निगरानी होती है। स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट लाइटिंग से ऊर्जा की खपत कम की जाती है। कचरा प्रबंधन को ऑटोमेट करना, भरे हुए डस्टबिन की सूचना मिलना। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से यातायात नियंत्रण, स्मार्ट पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर किया जाता है। ई गवर्नेंस के जरिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करना। सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी और आईओटी सेंसर से अपराधों पर नजर रखना। पर्यावरण सुधार के लिए हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना और प्रदूषण कम करना। हरे भरे क्षेत्र बनाना स्मार्ट सिटी में शामिल होते हैं।

भिवाड़ी के लिए जरूरी
गत कुछ वर्ष में भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। भिवाड़ी दिल्ली, गुरुग्राम, नोएड़ा के नजदीक है। एनसीआर में शामिल है। भिवाड़ी में विकास का वैसा मॉडल नहीं है जैसा कि एनसीआर के अन्य शहरों में है। एनसीआर के अन्य शहरों की अपेक्षा भिवाड़ी की चमक आज भी फीकी है। अगर समय पर यहां सुधार किया जाए। गुरुग्राम की काउंटर मैग्नेट सिटी बनाई जाए, तब आने वाले समय में निवेश और रोजगार तेजी से बढ़ेगा।

सभी शहर की एक साथ डीपीआर बनेगी
नगर परिषद आयुक्त मुकेश चौधरी ने बताया कि स्मार्ट सिटी की डीपीआर रुडिसको की ओर से तैयार कराई जाएगी। उन्हें जरूरी जानकारी, स्मार्ट सिटी में होने वाले विकास कार्यों के रुट मार्ग सहित अन्य जानकारी मुहैया करा दी गई हैं।