
Madhya Pradesh Budget 2026-27(patrika photo)
MP Budget 2026: केंद्र सरकार के बजट के बाद अब मध्यप्रदेश की मोहन सरकार भी अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियां शुरू कर दी हैं। वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि इस बार का बजट 'सर्वस्पर्शी' होगा। इसमें समाज के हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की जाएगी। बता दें कि विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकास और समावेशी विकास का रोडमैप पेश करेगी।
उन्होंने कहा कि बजट पूरी तरह डिजिटल होगा और इसमें 'कृषि कल्याण वर्ष' के तहत किसानों, युवाओं और कर्मचारियों पर स्पेशल फोकस रखा गया है। सूत्रों का कहना है कि इस साल एमपी के बजट का आकार पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ से करीब 10 फीसदी तक बढ़कर 4.63 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
माना जा रहा है कि इस बार 18 फरवरी को मध्यप्रदेश का बजट 2026-27 (MP Budget 2026-27) पेश किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश विधानसभा 2026-27 का बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने स्पष्ट किया है कि बजट तैयार करते समय चार स्तंभों (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति) पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी बात प्रधानमंत्री अक्सर करते हैं।
बताया जा रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट भी सदन में रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ये अनुपूरक बजट करीब 10 हजार करोड़ का हो सकता है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अनुपूरक बटज में न तो किसी नई योजना के लिए प्रावधान होगा और न ही किसी विभाग को नये वाहन खरीदने के लिए राशि दी जाएगी। ऐसा कोई भी वित्तीय प्रावधान नहीं किया जाएगा। इससे राज्य के राजकोष पर अतिरिक्त बोझ पड़े।
सूत्रों के अनुसार अनुपूरक बजट वही विभाग शामिल होंगे, जिन्होंने अपने आवंटित बजट को पूर्ण उपयोग कर लिया है और जिनके लिए केंद्र सरकार या अन्य माध्यमों से अतिरिक्त राशि मिलने की संभावना है। ऐसे मामलों में ही विभागों को सीमित अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
वित्त विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मध्यप्रदेश का बजट 2025-26 एक शून्य आधारित यानी Zero Based बजट था। इस बजट के आधार पर पहले एक-एक विभाग की समीक्षा की गई। इस समीक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए ही विभागों के बजट का प्रावधान किया गया। इस नीति के तहत ही पहले दो अनुपूरक बजट भी लाए गए और अब तीसरा और अंतिम अनुपूरक बजट लाया जाएगा।
पहले दो अनुपूरक बजट में केवल उन्हीं विभागों को अतिरिक्त राशि दी गई…
-1- जिनके लिए वित्त विभाग की पूर्व अनुमति ली गई थी।
-2- या फिर जिन्हें केंद्रीय योजनाओं में राज्यांश देना अनिवार्य था।
बजट को लेकर सरकार का कहना है कि तीसरे और अंतिम अनुपूरक बजट में भी यही नियम सख्ती से लागू रहेंगे। विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत जिन योजनाओं को पहले मंजूरी मिल चुकी है, उन्हीं के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
यहां बताते चलें कि सरकार का पूरा फोकस खर्च पर नियंत्रण को लेकर है। यानी संदेश साफ है कि वित्तीय वर्ष के अंत में किसी भी तरह की फिजूलखर्ची नहीं होगी। पहली प्राथमिकता यही रहेगी कि पहले से स्वीकृत योजनाएं और केंद्र से प्रायोजित कार्यक्रम या फिर बेहद जरूरी खर्च के लिए ही बजट रहेगा। कहना होगा कि MP Budget 2026 में आने वाले इस अनुपुरक बजट में सरकार सख्ती से वित्तीय नीति और खर्च पर नियंत्रण की तैयारी में है।
अनुपूरक बजट तब लगाया जाता है जबकि-
इस बार के अनुपूरक और अंतिम बजट में क्या?
-केवल उन्हीं विभागों को फंड मिलेगा जिन्होंने अपना पूरा आवंटित बजट खर्च कर लिया है
-जिनके पास केंद्र सरकार या अन्य स्रोतों से अतिरिक्त राशि आने की संभावना है।
-जिन योजनाओं में पहले से विशेष पूंजीगत सहायता स्वीकृत है
वित्त विभाग के मुताबिक
पहले दो अनुपूरक बजट में इन विभागों को मिला पैसा
-1- खर्च पर सख्ती
-2- फिजूल खर्ची पर ब्रेक
-3- राहत कम, अनुशासन ज्यादा
Published on:
02 Feb 2026 05:13 pm
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