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Bikaner: खेजड़ी बचाओ आंदोलन में अनशन बैठे लोगों की बिगड़ी तबीयत, मंडी बंद का किया एलान, दी ये बड़ी चेतावनी

बीकानेर में खेजड़ी के संरक्षण को लेकर चल रहे महापड़ाव के तीसरे दिन आंदोलनकारियों की तबीयत बिगड़ने लगी। 458 पर्यावरण प्रेमियों में 60 महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने अन्न-जल त्यागकर अनशन शुरू कर दिया है।

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Kherjri Bachao Mahapadav (2)

फोटो: पत्रिका

Khejri Bachao Andolan: राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने और ट्री प्रोटेक्शन कानून बनाने की मांग को लेकर बीकानेर जिला कलक्ट्रेट के सामने महापड़ाव बुधवार को तीसरे दिन जारी रहा। दोपहर में दो अनशनकारी संत लालदास और मांगीलाल की तबीयत बिगड़ गई। दोनों को एम्बुलेंस से पीबीएम अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। साथ ही 12 अनशनकारियों की हालत ठीक नहीं होने पर पास ही बिश्नोई धर्मशाला में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है। महापड़ाव में 29 संतों, 60 महिलाओं सहित 458 पर्यावरण प्रेमियों ने अन्न-जल त्याग कर अनशन शुरू कर रखा है।

महापड़ाव स्थल से बुधवार सुबह अनशन कारियों की अगुवाई में आंदोलनकारियों ने प्रभात फेरी निकाली। हाथों में ‘पेड़ बचाओ, वन्यजीव बचाओ, विकास के नाम पर विनाश स्वीकार नहीं, सिर सांठे रूंख रहै, तो भी सस्तो जाण’ नारे लिखी तख्तियां लिए नारे लगाते हुए मुख्य मार्गों से गुजरे। इसके बाद दिनभर संतों के प्रवचन और समर्थन देने आए नेताओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का संबोधन चलता रहा। पड़ाव स्थल से सोशल मीडिया पर घर-घर में एक दिन का अनशन रखने की जारी की गई अपील का असर भी होने लगा है। खासकर बिश्नोई समाज के परिवारों ने अपने घरों पर ही एक दिन का व्रत रखकर पर्यावरण बचाने की मुहिम का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो डालने शुरू कर रखे है।

कल दोपहर बाद सामजिक बहिष्कार

मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद आचार्य व सच्चिदानंद आचार्य ने पड़ाव स्थल पर कहा कि 29 संतों ने खेजड़ी बचाने के लिए अन्न-जल का त्याग किया। इसके बाद पर्यावरण प्रेमी स्वेच्छा से अनशन पर बैठे है। राज्य सरकार से केवल इतनी ही मांग है कि मुख्य सचिव एक परिपत्र जारी कर कानून बनने तक खेजड़ी कटाई पर रोक लगा दे। इसके बाद अनशन समाप्त कर दिया जाएगा। धरना कानून बनने तक जारी रहेगा। जिस दिन कानून बन जाएगा, धरना भी समाप्त कर दिया जाएगा।

राजनीति वाली बात दिमाग से निकालें

संतों ने कहा कि सरकार या राजनीतिक दल के दिमाग में ऐसी कोई बात है तो निकाल दें कि यह आंदोलन कोई राजनीतिक आंदोलन है। गुरुवार दोपहर तक जनप्रतिनिधियों और सरकार यदि उनकी मांग पूरी नहीं करेगी तो समाज की ओर से ऐसे सभी नेताओं का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा, जो खेजड़ी बचाने के लिए समर्थन नहीं कर रहे है।

किले में तब्दील कलक्ट्रेट

महापड़ाव के चलते जिला कलक्ट्रेट और पब्लिक पार्क में आने-जाने के रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पड़ाव स्थल की तरफ जाने के रास्तों को बल्लियां लगाकर बंद कर केवल पैदल निकलने की जगह छोड़ी गई है। साथ ही कलक्टर कार्यालय के आस-पास बल्लियों से बेरीकेटिंग की गई है। पुलिसकर्मी भी दिनभर सड़क पर दरी बिछाए बैठे रहे।

मुंह पर ऊंगली रखे, मौन संकल्प

अनशनकारियों ने पानी की एक बूंद तक गले से न उतारने का कठोर संकल्प लिया है। भूखे-प्यासे, लेकिन अडिग। शांत, लेकिन भीतर खेजड़ी कटाई से आहत। भजन-कीर्तन के बीच चल रहे इस आंदोलन में उस समय भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जब अनशनकारी महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा के पास खेजड़ी के वृक्ष तक पहुंचे। सुबह छह बजे संतों के सान्निध्य में खेजड़ी पूजन हुआ। आंदोलन के समर्थन में जुटे लोग मुंह पर उंगली रखे, मौन संकल्प में खड़े रहे। यह दृश्य शांति और अनुशासन के साथ जनचेतना की जीवंत तस्वीर के रूप में नजर आया।

प्रशासन ने वार्ता कर बनाया अस्थाई अस्पताल

किडनी पेशेंट अनशनकारी डाबला निवासी सुभाष की तबीयत बिगड़ गई। सूचना पर एडीएम सिटी रमेश देव सहित अधिकारी वार्ता के लिए पड़ाव स्थल पर पहुंचे। बिश्नोई धर्मशाला में अस्थायी अस्पताल बनाने के लिए आंदोलन के अगुवा लोगों को राजी किया। साथ ही 17 अनशनकारियों की जांच कर चार की हालत गंभीर मिलने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल में भर्ती करने के लिए भेजा गया। इनमें संत लालदास महाराज और सरनव आश्रम सांचौर के संत रामेश्वर दास शामिल हैं। आइएएस मयंक मनीष, आरएएस कुलराज मीणा, रणजीत बिजारणियां, कुणाल राहड़, स्वास्थ्य उप निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी, सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध सहित अधिकारी मौजूद रहे।

प्रदेशभर से समर्थक पहुंचने लगे

संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि खेजड़ी बचाओ आंदोलन का हर वर्ग का भरपूर समर्थन मिल रहा है। आंदोलन के समर्थन में प्रदेशभर से लोग पहुंच रहे है। संत भागीरथ दास और समिति संयोजक परसाराम खोखर ने सरकार से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पर्यावरण प्रेमियों की मांगें अब टाली नहीं जा सकती। कांग्रेस नेता मलखान सिंह बिश्नोई, किसनाराम बिश्नोई, बिशनाराम सियाग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। महाराजा सूरजमल फाउंडेशन की ओर से उपाध्यक्ष महेन्द्र भादू ने खेजड़ी आंदोलन को समर्थन किया है।

कल बंद रहेगी अनाज मंडियां

श्री बीकानेर कच्ची आड़त व्यापार संघ ने खेजड़ी बचाओ आंदोलन का समर्थन किया है। अध्यक्ष जयदयाल डूडी ने बताया कि बीकानेर, श्रीडूंगरगढ़, लूणकरनसर, नोखा, खाजूवाला, पूगल, बज्जू, छतरगढ़ सहित जिले की सभी अनाज मंडियां शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में बंद रहेगी। इसके साथ ही व्यापारियों ने बुधवार को कलक्ट्रेट के सामने धरने स्थल पर जाकर समर्थन भी दिया।