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बीकानेर में पंचायत परिसीमन के खिलाफ कांग्रेस की हुंकार, BJP पर लगाया राजनीतिक तोड़फोड़ का आरोप, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बीकानेर में पंचायत पुनर्गठन और परिसीमन को लेकर सियासत गरमा गई है। नए परिसीमन के विरोध में देहात कांग्रेस मंगलवार को बड़ा शक्ति प्रदर्शन करेगी। बिश्नोई धर्मशाला से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।

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Congress Protests Panchayat Delimitation in Bikaner Accuses BJP of Political Manipulation

बीकानेर में कांग्रेस का प्रदर्शन आज (फोटो-एआई)

Bikaner Congress protest: बीकानेर में पंचायत पुनर्गठन और परिसीमन को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। राज्य सरकार द्वारा पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव से ठीक पहले किए गए नए परिसीमन के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है।

बता दें कि मंगलवार को बीकानेर में देहात कांग्रेस के नेतृत्व में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिले भर से कार्यकर्ताओं को जुटाकर सरकार के फैसले के खिलाफ हुंकार भरी जाएगी।

बिश्नोई धर्मशाला से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश मार्च

देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन की रणनीति पूरी तरह तैयार कर ली गई है। जिले भर के कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 11 बजे बिश्नोई धर्मशाला में एकत्रित होंगे, जहां से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे।

कार्यकर्ताओं को इस प्रदर्शन के लिए पिछले कई दिनों से गांव-गांव जाकर लामबंद किया गया है। माना जा रहा है कि इस आंदोलन में हजारों की संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता शामिल होकर अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगे।

"भाजपा ने की राजनीतिक तोड़फोड़"

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने आगामी पंचायत चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए नियमों को ताक पर रखकर परिसीमन किया है। बिशनाराम सियाग ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने उन क्षेत्रों में विशेष रूप से फेरबदल किया है, जहां कांग्रेस मजबूत स्थिति में है।

उन्होंने बताया कि नोखा, लूणकरनसर, श्रीडूंगरगढ़, खाजूवाला, पूगल और बीकानेर जैसी प्रमुख पंचायत समितियों के चुनावी क्षेत्रों में ऐसी तोड़फोड़ की गई है, जिससे वहां की भौगोलिक स्थिति और जनसांख्यिकी संतुलन बिगड़ गया है।

प्रदेश नेतृत्व का मिला समर्थन

इस आंदोलन को कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय का भी पूरा समर्थन प्राप्त है। हाल ही में बिशनाराम सियाग और जिले के वरिष्ठ नेताओं ने जयपुर में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की थी। डोटासरा ने इस परिसीमन को जनता के साथ धोखा बताते हुए कार्यकर्ताओं को सड़कों पर उतरने के निर्देश दिए थे। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि सरकार की इस 'मनमर्जी' का जवाब जनता के बीच जाकर ही दिया जा सकता है।

आमजन की सुविधाओं की अनदेखी

विरोध का एक बड़ा कारण यह भी है कि परिसीमन करते समय ग्रामीणों की सुविधा और भौगोलिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया। कई गांवों को अपनी पुरानी पंचायत समिति से हटाकर ऐसी समितियों में जोड़ दिया गया है जो उनके क्षेत्र से काफी दूर हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल चुनावी गणित बैठाने की कोशिश है, जिससे आम जनता को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी।