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फाइलों में उलझा है गंदे पानी का स्थायी समाधान

पांच महीने बाद वित्त विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के पाले में डाली बॉल

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बल्लभ गार्डन क्षेत्र में एकत्रित गंदा पानी। फाइल फोटो

बल्लभ गार्डन क्षेत्र में एकत्रित गंदा पानी। फाइल फोटो

शहर में एकत्रित होने वाले गंदे पानी का स्थायी समाधान फाइलों में उलझा हुआ है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2024-25 में गंदे पानी के स्थायी समाधान के लिए 100 करोड़ रुपए की घोषणा होने के बाद अब तक धरातल पर कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है, जबकि गंदे पानी के स्थायी समाधान के लिए विभिन्न कार्यों को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और दरों का अनुमोदन भी हो चुका है। वर्क ऑर्डर से पहले फाइल अगस्त 2025 से वित्त विभाग में पड़ी थी। अब वित्त विभाग ने विभिन्न कार्यों के लिए 59.10 करोड़ रुपए की राशि के लिए बॉल अब आपदा प्रबंधन विभाग के पाले में डाल दी है। अब प्रस्ताव आपदा प्रबंधन विभाग को निदेशालय स्थानीय निकाय विभाग राजस्थान के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर की ओर से निगम आयुक्त बीकानेर को लिखे पत्र में वित्त विभाग की टिप्पणी का उल्लेख किया गया है। वित्त विभाग की टिप्पणी अनुसार मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अंतर्गत बीकानेर शहर में एकत्रित होने वाले गंदे पानी के स्थायी समाधान का कार्य 59.10 करोड़ की निर्माण लागत का प्रस्ताव जिला कलक्टर के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग को प्रस्तुत करने का परामर्श प्रदान किया गया है। निगम आयुक्त के 6 अगस्त 2025 के पत्र के संदर्भ में यह परामर्श जारी किया गया है।

टेंडर प्रक्रिया पूर्ण, दरों का अनुमोदन, कार्यादेश बाकी
निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में एकत्रित गंदे पानी के स्थायी समाधान के लिए बजट घोषणा के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। वित्तीय, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं। दरों का अनुमोदन हो चुका है। केवल कार्यादेश बाकी है। कार्यादेश से पहले फाइल वित्त विभाग जयपुर भेजी गई थी। करीब पांच महीनों से फाइल वित्त विभाग में लंबित थी।

आपदा प्रबंधन विभाग के अपने नॉर्म्स
भले ही बीकानेर शहर के गंदे पानी के स्थायी समाधान की बॉल आपदा प्रबंधन विभाग के पाले में डाल दी गई हो, लेकिन जानकारों का कहना है कि आपदा प्रबंधन विभाग के अपने नॉर्म्स है। समस्या एकत्रित गंदे पानी की है। आपदा प्रबंधन में अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि आदि शामिल है। गंदे पानी का समाधान विकास संबंधित कार्य है। आपदा प्रबंधन विभाग के नार्म्स में नहीं आने पर शहर के गंदे पानी के स्थायी समाधान का मामला लंबित हो सकता है। हालांकि अधिकारियों को आपदा प्रबंधन विभाग से राशि स्वीकृति की उम्मीद है।