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नवीं-ग्यारहवीं की राज्य स्तरीय परीक्षाएं 7 मार्च से

​शिक्षा विभाग की ओर से 19 मार्च तक परीक्षा क्रम चलेगा। इसकी समय-सारिणी जारी की गई है। इसके तहत कक्षा नवीं की परीक्षा केवल द्वितीय पारी में, ग्यारहवीं दोनों पारियों में होगी।

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बीकानेर. राज्य की कक्षा नवीं और ग्यारहवीं की राज्य स्तरीय समान वार्षिक परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च तक आयोजित की जाएंगी। शिक्षा विभाग ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। कार्यक्रम के अनुसार नवीं और ग्यारहवीं की परीक्षाओं का समय अलग-अलग पारियों में निर्धारित किया गया है। नवीं कक्षा की सभी परीक्षाएं द्वितीय पारी में आयोजित होंगी। परीक्षा का समय दोपहर 1 बजे से सायं 4.15 बजे तक रहेगा। नवीं कक्षा की अंतिम परीक्षा 17 मार्च को संपन्न होगी।

ग्यारहवीं: सुबह और दोपहर दोनों पारीग्यारहवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं प्रथम और द्वितीय दोनों पारियों में कराई जाएंगी। प्रथम पारी में सुबह 8.30 से 11.45 बजे तक, द्वितीय पारी में दोपहर 1 बजे से सायं 4.15 बजे तक होंगी। ग्यारहवीं की परीक्षाएं 19 मार्च को समाप्त होंगी।

कुछ विषयों की परीक्षा स्कूल स्तर पर

जो विषय राज्य स्तरीय परीक्षा कार्यक्रम में शामिल नहीं हैं, उनकी परीक्षाएं विद्यालय स्तर पर संस्था प्रधान अपने स्तर पर आयोजित करेंगे। ग्यारहवीं कक्षा के जीवन कौशल विषय में 30 अंक का सतत मूल्यांकन, 30 अंक का प्रोजेक्ट, 40 अंकों की परीक्षा विद्यालय स्तर पर ली जाएगी। इस विषय की अर्द्धवार्षिक परीक्षा आयोजित नहीं होती।

अवकाश पड़ा, तो बदलेगी परीक्षा तिथि

यदि राज्य स्तरीय परीक्षा कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा कोई अवकाश घोषित किया जाता है, तो संबंधित विषय की परीक्षा परीक्षा समाप्ति के बाद अगले कार्यदिवस में आयोजित की जाएगी। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी संस्था प्रधानों की होगी। निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा कार्यक्रम से मिलान करने के बाद ही प्रश्नपत्र खोले जाएं और वितरित किए जाएं।

पीएम श्री स्कूल बनेंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल

नवाचार, तकनीक और बजट पर मंथन, अगले सत्र की रूपरेखा तयबीकानेर. पीएम श्री विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और नवाचारयुक्त शिक्षण केंद्र के रूप में सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य स्तर पर मंथन तेज हो गया है। आगामी शैक्षणिक सत्र की योजनाओं, बजट प्रावधानों और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर आयोजित बैठक में इन विद्यालयों के सर्वांगीण विकास की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्ययोजना से लेकर बजट तक पर गहन विचार

बैठक में प्रदेश के पीएम श्री विद्यालयों के लिए प्रस्तावित कार्ययोजनाओं, बजट संरचना, शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक गतिविधियों और वर्तमान में संचालित नवाचारों की समीक्षा की गई। कंपोनेंट-वाइज चर्चा करते हुए प्रत्येक गतिविधि के प्रभावी संचालन से जुड़े पहलुओं पर मंथन किया गया, ताकि योजनाएं कागजों से निकलकर कक्षाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। अधिकारियों ने बताया कि अन्य राज्यों में संचालित श्रेष्ठ शैक्षणिक मॉडल और बेस्ट प्रैक्टिसेज का अध्ययन कर उन्हें राजस्थान के पीएम श्री विद्यालयों में लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में ठोस सुधार हो सके।

बाल वाटिका से स्मार्ट क्लास तक फोकस

बैठक में बाल वाटिकाओं के संचालन, डिजिटल लाइब्रेरी, ओ-लैब, स्मार्ट कक्षाएं, व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, एक्सपोजर विजिट और गतिविधि-आधारित शिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया। इन नवाचारों को विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने वाला बताया गया।

विकसित भारत के विज़न से जुड़ा पीएम श्री मॉडल

अधिकारियों ने कहा कि विकसित भारत के विजन और शिक्षित राजस्थान के संकल्प के अनुरूप पीएम श्री विद्यालयों को राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारयुक्त शिक्षा के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि सरकारी स्कूल शिक्षा का भरोसेमंद विकल्प बन सकें।