
jila asptal katni
स्पर्श पोर्टल में लेटलतीफी से जिले में प्रसूति सहायता योजना की राशि प्रसूताओं को नहीं मिल रही है। जिले में 380 हितग्राहियों का भुगतान अटक गया है। योजना का लाभ पाने के लिए महिला हितग्राही व उनके परिजन जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारी-कर्मचारी भी उन्हें बजट आने पर राशि खाते में डालने का आश्वासन देकर लौटा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने राज्य शासन से 40 लाख रुपए का बजट मांगा है।
वर्ष 2023 से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री प्रसूति सहायता योजना शुरू की थी। इसमें सरकारी अस्पताल में प्रसव पर महिला को 16 हजार रुपए दिए जाने का प्रावधान हैं। इसमें पहले पोषण के लिए 4 हजार रुपए और प्रसव के बाद 12 हजार रुपए जच्चा-बच्चा के लिए मिलते थे।
अब यह राशि मिलाकर एकमुश्त अस्पताल से दी जा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की डिलेवरी पर राशि मिलती है। इसमें अस्पताल में प्रसव होने, नवजात शिशु का संस्थागत जन्म के बाद पंजीयन कराने और शिशु को जीरो डोज, वीसीजी, ओपीडी और एचबीवी टीकाकरण के नियम का पालन होना जरूरी है। जिले में फिलहाल पिछले दो माह से योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
जिला अस्पताल के अधिकारी बताते हैं कि पहले प्रसूता और उनके परिजन को सीधा भुगतान ई-वित्त पोर्टल से अस्पताल से ही कर दिया जाता था। अब शासन की ओर से स्पर्श पोर्टल की अनिवार्यता सुनिश्चित कर दी गई है। पहले केस अस्पताल से सीएमएचओ ऑफिस भेजे जाते हैं, फिर राज्य शासन से बजट अनुमति मिलती है। फिर भुगतान किया जाता है। इस वजह से भुगतान में काफी समय लग रहा है। इधर, शासन के पास बजट का अभाव भी बताया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों के अनुसार प्रसृति सहायता योजना में कुछ अन्य कारण से भी राशि नहीं मिल पा रही है। इसमें महिला की समग्र आईडी अगर आधार से लिंक नहीं है तो 16 हजार रुपए अटक जाएंगे। इसी तरह महिलाओं का बैंक खाता महिला आधार के साथ लिंक अथवा डीबीटी नहीं होने, महिला की समग्र आईडी पोर्टल पर उपलब्ध न होने, समग्र पोर्टल के आधार पर महिला की मृत्यु होने, महिला की उम्र 18 वर्ष से कम होने, श्रमिक सत्यापन उपलब्ध न होने, महिला व पति की आईडी समग्र पोर्टल पर डिएक्टिवेट होने, शिशु का जीरो डोज टीकाकरण न होने समेत अन्य कारण से भी राशि नहीं आएगी।
&जिला अस्पताल में पहले ई-वित्त पोर्टल से सीधे प्रसूता और उनके परिजन को राशि दी जाती थी। अब स्पर्श पोर्टल के जुडऩे पर काफी लेट समय में राशि परिजन के खातों में राशि आ रही है। इस बारे में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
डॉ.सुशील दुबे, सिविल सर्जन जिला अस्पताल
Published on:
23 Jan 2026 12:01 pm
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