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ICC के सामने तीन शर्त रखने के बाद पाकिस्तान ने रखी एक और डिमांड, जानें अब क्या चाहता है पाक

लाहौर में PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, ICC डिप्टी चेयरमैन इमरान खवाजा, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अमीनुल इस्लाम और एसोसिएट सदस्य मुबाशिर उस्मानी के बीच चार घंटे की बैठक हुई। बैठक में PCB ने अपनी मांगें दोहराईं, लेकिन कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ।

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PCB Chairman Mohsin Naqvi

PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी

T20 विश्व कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मैच (15 फरवरी) को लेकर तनाव चरम पर है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ICC के सामने अपनी मांगें रखीं, जिसमें भारत के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट बहाल करना, राजस्व में वृद्धि और 'नो-हैंडशेक' जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना शामिल है। PCB ने बांग्लादेश को T20 विश्व कप से बाहर होने के बावजूद मुआवजा देने की भी मांग की। यह सब BCCI के ICC में बढ़ते प्रभाव और पिछले Champions Trophy 2025 के हाइब्रिड मॉडल से जुड़ा है, जहां भारत ने पाकिस्तान नहीं जाकर UAE में मैच खेले थे। PCB ने भारत के मैच का बहिष्कार करने की धमकी दी है, जिसे पाकिस्तान सरकार ने भी समर्थन दिया।

लाहौर में त्रिपक्षीय बैठक

9 फरवरी 2026 को लाहौर में PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, ICC डिप्टी चेयरमैन इमरान खवाजा, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अमीनुल इस्लाम और एसोसिएट सदस्य मुबाशिर उस्मानी के बीच चार घंटे की बैठक हुई। बैठक में PCB ने अपनी मांगें दोहराईं, लेकिन कोई संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ। दोनों पक्ष पाकिस्तान सरकार की मंजूरी के बाद ही आगे की घोषणा करेंगे। PCB सूत्रों ने कहा कि बहिष्कार BCCI-ICC के 'पक्षपात' के विरोध में है, और पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाना चाहता है।

ICC का सख्त रुख

ICC ने PCB की मांगों को सिरे से खारिज कर दिया। Dawn की रिपोर्ट के अनुसार, ICC ने कहा कि उसके पास बांग्लादेश को अतिरिक्त मुआवजा देने के लिए 'कुछ भी ऑफर करने को नहीं है', सिवाय ICC आय का पूरा हिस्सा सुनिश्चित करने के। ICC डिप्टी चेयरमैन इमरान खवाजा ने PCB को सलाह दी कि वे मुद्दे को ICC आर्बिट्रेशन कमिटी या बोर्ड मीटिंग में उठाएं। उन्होंने भारत-पाकिस्तान मैच बहिष्कार को तुरंत खत्म करने की अपील की, कहा कि यह खेल के लिए हानिकारक है। ICC ने PCB को चेतावनी दी कि बहिष्कार से पाकिस्तान क्रिकेट और वैश्विक क्रिकेट इकोसिस्टम पर लंबे समय तक नकारात्मक असर पड़ेगा।

ICC ने अपनाया हाइब्रिड मॉडल

यह विवाद चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से शुरू हुआ, जब भारत सरकार की वजह से BCCI ने पाकिस्तान टूर से इनकार किया। ICC ने हाइब्रिड मॉडल अपनाया, जिसमें भारत के मैच UAE में हुए। यह व्यवस्था 2027 तक लागू है। अब PCB और बांग्लादेश 2031 ODI विश्व कप (भारत-बांग्लादेश सह-मेजबान) तक हाइब्रिड मॉडल बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। PCB ने ICC को लिखित में कहा है कि 2031 तक भारत में कोई ICC ग्लोबल इवेंट मैच नहीं खेलेगा, जब तक भारत पहले पाकिस्तान नहीं आए।

बॉयकाट से पाकिस्तान को होगा भारी नुकसान

PCB अड़े हुए हैं कि द्विपक्षीय संबंध बहाली और राजस्व बढ़ोतरी जरूरी है। ICC आशावादी है कि PCB अंततः बहिष्कार वापस लेगा, क्योंकि इससे पाकिस्तान क्रिकेट को नुकसान होगा। पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने कहा कि पाकिस्तान भारत को चुनौती नहीं दे सकता। यदि बहिष्कार हुआ तो ICC सख्त कार्रवाई कर सकता है। यह इंडो-पाक क्रिकेट संबंधों को और खराब कर सकता है, जहां पहले से ही द्विपक्षीय सीरीज नहीं हो रही।