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बेटे की मौत के बाद बूढ़ी मां एसपी से बोली, मौत की निष्पक्ष जांच के लिए एसआई व आरक्षक का हो तबादला

मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई व ग्वालियर के वकील के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद यह मामला सुर्खियों में आया था। वकील ने ग्वालियर में खुदकुशी कर ली थी।

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मुरैना. बूढ़ी मां की आंखें सूजी हुई हैं। पिछले दिनों बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने जीते जी बेटे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की। अब जब मौत हुई तो घर से पचास किमी दूर ग्वालियर के थाने में रिपोर्ट दर्ज हो सकी। एसपी से गुहार लगाते हुए मां की आंखें नम हो गई। बोली साहब! मेरे बेटे के साथ सिविल लाइन थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर और उसके कथित प्रेमी आरक्षक ने मारपीट कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया। जिसकी एफआईआर ग्वालियर के गोला का मंदिर थाने में दर्ज है। जब तक जांच पूरी न हो जाए दोनों को दूरस्थ जिलों में पदस्थ कराएं ताकि जांच प्रभावित न हो सके।

आवेदन देकर यह मांग की

ग्वालियर में वकील रहे मृत्युंजय जादौन ने अपनी महिला मित्र व पुलिस महकमे में एसआई से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। मां शिवकुमारी पत्नी कुलदीप जादौन निवासी बजरंग कॉलोनी विजयपुर जिला श्योपुर ने पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ से को दिए आवेदन में बताया कि महिला सब इंस्पेक्टर और आरक्षक ने बेटे के साथ मारपीट की थी। इसका केस सिविल लाइन थाने में दर्ज कराया जाए। आरोपी सब इंस्पेक्टर से अवैध पिस्टल जब्त की जाए और बेटे के विरुद्ध सिटी कोतवाली में आरोपी सब इंस्पेक्टर द्वारा दर्ज कराई गई फर्जी एफआईआर की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।

यह था मामला

मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर ग्वालियर निवासी वकील मृत्युंजय जादौन की लिव इन पार्टनर (मंगेतर) थी। महिला एसआई को वकील मृत्युंजय ने उसके आवास पर अधीनस्थ आरक्षक के साथ संदिग्ध हालत में पकड़ा था। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसके बाद महिला एसआई ने वकील मृत्युंजय के विरुद्ध लोकल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। घटना के बाद पीडि़त वकील ने ग्वालियर स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से यह मामला सुर्खियों में है।