
कुमाऊं मंडल में कल से टैक्सियों की हड़ताल शुरू होने वाली है
Taxi Strike : टैक्सी चालकों ने चार फरवरी से बेमियादी चक्काजाम का ऐलान किया है। वाहन फिटनेस बंद होने से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले के टैक्सी चालक परेशान हैं। बता दें कि कुमाऊं के सभी दस आरटीओ कार्यालयों में वाहन फिटनेस सेवा बंद कर दी गई है। इसी को देखते हुए महासंघ टैक्सी यूनियन कुमाऊं मंडल ने चार फरवरी से बेमियादी चक्काजाम का ऐलान किया है। जिससे करीब 50 हजार टैक्सियों के पहिये थम सकते हैं। यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज भट्ट के अनुसार ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की अनिवार्यता ने आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है और निजी केंद्रों पर निर्भरता से शोषण की स्थिति बन रही है। संगठन ने कुमाऊं के सभी डीएम व परिवहन अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर फिटनेस जांच का अधिकार दोबारा सरकारी परिवहन कार्यालयों को देने की मांग की है। पहले हल्द्वानी, अल्मोड़ा समेत रामनगर, रुद्रपुर, काशीपुर, चम्पावत, टनकपुर, पिथौरागढ़, रानीखेत और बागेश्वर में यह सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे (मोर्थ) ने ऑनलाइन फिटनेस व्यवस्था बंद करा दी है। इससे कुमाऊं में करीब 50 हजार टैक्सी संचालन परेशान हैं।
वाहन फिटनेस के लिए एटीएस पर निर्भरता टैक्सी चालकों को भारी पड़ रही है। पहाड़ी जिलों के चालक-मालिकों का कहना है कि मुनस्यारी, कपकोट जैसे इलाकों से हल्द्वानी, टनकपुर और रुद्रपुर स्थित निजी एटीएस केंद्रों तक फिटनेस को आते हैं। मुनस्यारी के टैक्सी संचालकों को वाहन की फिटनेस जांच के लिए 286 किमी दूरी पर स्थित हल्द्वानी आना पड़ रहा है। फिटनेस कराने में उन्हें हजारों रुपये का ईंधन फूंकना पड़ रहा है और निजी एटीएस पर भी भारी-भरकम बिल चुकाना पड़ रहा है। इधर, आरटीओ प्रशासन गुरदेव सिंह के मुताबिक, समस्या के समाधान के लिए परिवहन मुख्यालय देहरादून पत्र भेजा गया है और नए एटीएस केंद्र खुलने तक मोर्थ से वेबसाइट पुन: शुरू कराने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने यूनियन से चक्काजाम टालने की अपील भी की है।
एटीएस फिटनेस अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जाए। सभी आरटीओ/एआरटीओ कार्यालयों में सरकारी फिटनेस सेंटर फिर से शुरू हों। सरकारी व्यवस्था लागू होने तक पुरानी फिटनेस प्रणाली बहाल रहे। नैनीताल में बाहरी राज्यों की व्यावसायिक टैक्सियों के प्रवेश पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगे। पूर्व में जारी यात्रीकर माफी शासनादेश पुन: लागू हो ऑनलाइन चालान व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए पैनिक बटन और जीपीएस अनिवार्यता तब तक स्थगित रहे, जब तक प्रभावी मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित न हो।
Updated on:
03 Feb 2026 08:09 am
Published on:
03 Feb 2026 08:08 am
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