
हनुमान जयंती 2024 पर जानें क्या सीख सकते हैं हनुमानजी से
Hanuman Janmotsav 2024: रामभक्त रुद्र के अंशावतार हनुमान का जन्मोत्सव मंगलवार को मंगलकारी संयोग में मनाया जाएगा। हनुमान का चरित्र अतुलित पराक्रम, ज्ञान और शक्ति के बाद भी अहंकारविहीन है। यह हमारे लिए प्रकाश स्तंभ हैं, जो विषमता भरे संसार में मार्गदर्शन करते हैं। हनुमान के सिद्धांतों, नियमों और आदर्शों पर चलकर आसानी से सफलता का आसमान छुआ जा सकता है।
बाधाओं को पारकर लंका में माता सीता का पता लगाना, अपने रामदूत होने का उन्हें विश्वास दिलाना और राक्षसों का वध कर लंका को जलाकर लौटना जैसे वीरतापूर्ण कार्य के बाद भी अभिमान नहीं।
सूक्ष्म रूप धरि सिंयहि दिखावा, विकट रूप धरि लंक जरावा.. हनुमान चालीसा बताती है कि हमारे पास इतना विवेक होना चाहिए कि कब छोटा बनना है और कब बड़ा बनना है। हनुमानजी से शिक्षा मिलती है कि हमें अपने विवेक का इस्तेमाल कर जीवन जीना चाहिए।
विद्यावान गुनी अति चातुर… हनुमान सुरसा के सामने विस्तार करते हैं, फिर एक सीमा के बाद छोटे हो जाते हैं। यानी, हम प्रतिस्पर्धा में एक सीमा तक आगे बढ़ें, फिर जरूरतों को सीमित कर आगे बढ़ना चाहिए।
अतुलित बल धामा… हनुमानजी से युवा पीढ़ी को मानसिक के साथ शारीरिक बल की प्रेरणा लेनी चाहिए। वर्तमान पीढ़ी पढ़-लिखकर जीवन में सफल बनना चाहती है किंतु शारीरिक बल की उपेक्षा करती है।
हनुमानजी ने सुरसा और रावण का अहंकार चूर किया था। बड़ी चुनौती के समक्ष निरहंकार रहकर खुद को सफल बनाया। साथ ही सिखाया कि इतनी ताकत के बाद भी वो कितने विनम्र थे।
हनुमानजी का जीवन सिखाता है कि संकट में मनोबल और मानसिक एकाग्रता बनाए रखना है। लक्ष्मण को बचाने के लिए किस तरह संजीवनी पहाड़ उठा लाते हैं। इस तरह वो संकट में धैर्य, मानसिक संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देते हैं।
हनुमानजी से कार्य या लक्ष्य के प्रति समर्पण की सीख मिलती है। हनुमान जी श्रीराम के हर आदेश का पालन कर सिद्ध करते हैं। इसके बाद भी इसका श्रेय नहीं लेते, बल्कि इसका श्रेय भी भगवान राम को ही देते हैं।
Updated on:
23 Apr 2024 01:41 pm
Published on:
23 Apr 2024 01:40 pm
