
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष निर्मल श्रीवास्तव
गोंडा जिले में बहुचर्चित जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष समेत दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 15-15 वर्ष की सजा और 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सजा सुनते ही दोनों को जेल भेज दिया गया।
यूपी के गोंडा जिले में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह की अदालत ने गोंडा नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष गोंडा रुपेश कुमार श्रीवास्तव उर्फ निर्मल और उनके साथी त्रिजुगी नारायण गुप्ता को जानलेवा हमले का दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोनों को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
यह मामला 10 सितंबर 2012 का है। घटना मोतीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम काजी देवर की है। अभियोजन के अनुसार, उस रात सुशील शुक्ला के भाई गौरव शुक्ला पेशाब करने के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान गांव के भीतर से दो मोटरसाइकिलें आती दिखाई दीं। एक मोटरसाइकिल त्रिजुगी नारायण गुप्ता चला रहा था। जबकि पीछे बैठे रुपेश उर्फ निर्मल श्रीवास्तव ने गौरव शुक्ला पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
फायरिंग होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सुशील शुक्ला ने जान बचाने के लिए जमीन पर लेटकर खुद को बचाया। गोली चलने की आवाज सुनकर जब गांव के लोग दौड़े तो आरोपियों ने असलहा तानकर उन्हें डराया और मोटरसाइकिल से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मोतीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विनय सिंह ने प्रभावी पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनोज मिश्रा ने कोर्ट के फैसले की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोप सिद्ध मानते हुए सख्त सजा सुनाई है।
Published on:
31 Jan 2026 10:09 pm
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