
cancer treatment (image- gemini)
Cancer Treatment: कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की दर इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि विशेषज्ञों का साफ कहना है कि 2027 तक हर 10 में 7 व्यक्ति कैंसर से पीड़ित होंगे। अब जाहिर सी बात है कि बीमारी जितनी तेजी से बढ़ रही है उतनी ही जल्दी इसका इलाज हो। इसके लिए समय रहते नए-नए प्रयोग होते रहते हैं। इन्हीं प्रयोगों में से एक में अभी नई कामयाबी हासिल हुई है कि कैंसर का इलाज अब हमारे पेट के बैक्टीरिया से होगा।
यह बहुत ही अविश्वसनीय बात है कि कैंसर का इलाज वह भी हमारे शरीर के बैक्टीरिया से होगा, लेकिन असल में यह आज के विज्ञान की बड़ी प्रगति है। आइए जानते हैं कि यह नई खोज क्या है? कैसे इससे कैंसर खत्म होगा? और हमारे पेट में अच्छे बैक्टीरिया को कैसे बढ़ाएं?
हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि हमारे पाचन तंत्र में मौजूद 'गट माइक्रोबायोम' (Gut Microbiome) यानी बैक्टीरिया का संसार, कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उन्हें नष्ट करने में शरीर की मदद करता है। इस खोज की महत्ता इस कारण से ज्यादा बढ़ गई है कि इससे एक नई बात यह भी सामने आयी है कि अब कैंसर से जंग जीतने में बाहरी दवाओं के साथ हमारे शरीर का भी उतना ही योगदान है। 'इम्यूनोथेरेपी' जैसे आधुनिक इलाज की सफलता इन बैक्टीरिया की शरीर में संख्या पर ही निर्भर है।
सुनने में यह बात बहुत असंभव ही लग रही होगी लेकिन वास्तव में यह आज के विज्ञान की बहुत बड़ी सफलता है और सच भी है कि अब कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का इलाज हमारे शरीर से हो जाएगा। पेट के अच्छे बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली (Immune System) को संदेश भेजते हैं कि कैंसर कोशिकाएं कहां छिपी हैं। ये बैक्टीरिया शरीर की रक्षक कोशिकाओं (T-cells) को इतना शक्तिशाली बना देते हैं कि वे खुद जाकर कैंसर की गांठों (Tumors) पर हमला करती हैं और उन्हें खत्म करने लगती हैं। रिसर्च में देखा गया कि जिन मरीजों के पेट में बैक्टीरिया का संतुलन सही था, उन पर कैंसर की दवाओं ने 3 गुना ज्यादा तेजी से असर किया।
डॉक्टर मरीज के पेट के बैक्टीरिया की जांच करके यह बता सकेंगे कि उस पर कौन सा इलाज सबसे ज्यादा असर करेगा। अगर शरीर के अपने बैक्टीरिया ही कैंसर से लड़ने लगेंगे, तो कीमोथेरेपी जैसे भारी इलाज की जरूरत कम हो सकती है। भविष्य में 'बैक्टीरिया कैप्सूल' के जरिए मरीज के पेट में अच्छे बैक्टीरिया डालकर कैंसर का इलाज संभव हो सकेगा।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालिफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरुर ले लें।
Published on:
02 Feb 2026 10:39 am
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
