
world cancer day (image- gemini)
World Cancer Day 2026: आज के इस डिजिटल दौर में हर कोई अपने आप में डॉक्टर है। कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से हर कोई बचना चाहता है और इसी कश्मकश में वे खुद अपनी बीमारी का इलाज करने को आतुर बैठे हैं। विश्व कैंसर दिवस 2026 पर हम कैंसर से जुड़े दावों और उनकी सच्चाई के बारे में जानते हैं।
कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके नाम से ही लोग डर जाते हैं। इस डर का फायदा उठाकर अक्सर सोशल मीडिया पर लोगों को भ्रामक जानकारी दी जाती है। अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या कैंसर से बचने के लिए नॉन-वेज पूरी तरह छोड़ देना चाहिए? आइए, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. तरंग कृष्णा से जानते हैं कि आखिर इस दावे के पीछे का सच क्या है।
असल में नॉन-वेज खाने मात्र से कैंसर नहीं होता है। कैंसर तब होता है जब इसे बहुत उच्च तापमान पर पकाया जाता है। ऐसा करने पर इसमें सीधे तौर पर ऐसे तत्व पनप जाते हैं जो कैंसर को बढ़ाते हैं। कैंसर का खतरा मुख्य रूप से नॉन-वेज के 'प्रकार' और उसे 'पकाने के तरीके' पर निर्भर करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रोसेस्ड मीट को 'ग्रुप 1 कार्सिनोजेन' (कैंसर पैदा करने वाला तत्व) माना गया है।
अगर आप कैंसर से बचाव के नजरिए से देख रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स 'प्लांट-बेस्ड डाइट' (शाकाहार) को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नॉन-वेज पूरी तरह छोड़ना जरूरी है। सब्जियों और फलों में भरपूर फाइबर होता है जो आंतों की सफाई करता है और कोलन कैंसर के खतरे को कम करता है। कैंसर से बचाव के लिए सबसे बेस्ट डाइट वह है जिसमें 70% हिस्सा शाकाहार (फल, सब्जियां, अनाज) हो और 30% हिस्सा प्रोटीन (दालें या लीन मीट जैसे चिकन या मछली) हो। केवल मांस पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से न आजमाएं, बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
04 Feb 2026 06:24 am
Published on:
04 Feb 2026 06:00 am
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