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19 फरवरी को आचार्य अभयशेखर सूरीश्वर महाराज की निश्रा में संयम दीक्षा ग्रहण करेंगी मुमुक्षु

संयम मार्ग पर अग्रसरभौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर संयम जीवन अपनाने का संकल्प ले चुकी मुमुक्षु प्रीति कुमारी 19 फरवरी को आचार्य अभयशेखर सूरीश्वर महाराज की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगी। इस अवसर पर नगर में धार्मिक वातावरण बन गया है तथा मुमुक्षु का विभिन्न स्थानों पर बहुमान किया जा रहा है। दीक्षा समारोह को […]

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मुमुक्षु ने परिजनों के साथ किया देव पूजन।

मुमुक्षु ने परिजनों के साथ किया देव पूजन।

संयम मार्ग पर अग्रसर
भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर संयम जीवन अपनाने का संकल्प ले चुकी मुमुक्षु प्रीति कुमारी 19 फरवरी को आचार्य अभयशेखर सूरीश्वर महाराज की निश्रा में दीक्षा ग्रहण करेंगी। इस अवसर पर नगर में धार्मिक वातावरण बन गया है तथा मुमुक्षु का विभिन्न स्थानों पर बहुमान किया जा रहा है। दीक्षा समारोह को लेकर साधु-साध्वियों का आगमन भी प्रारम्भ हो चुका है। आध्यात्मिक वातावरण में पली-बढ़ी प्रीति कुमारी अपने माता-पिता गीता बहन और राजेंद्र कुमार की सहमति से संयम मार्ग पर अग्रसर हुईं। वैराग्य काल में उन्होंने चार प्रकरण, तीन भाष्य, चार कर्म ग्रंथ, वैराग्य शतक, वितराग स्तोत्र का अध्ययन किया तथा सम्मेत शिखर, गिरनार, पालीताणा और अन्य तीर्थों के दर्शन किए। सिद्धि तप, उपधान, अठाई तथा नव्वाणु कल्याणक तप सहित कई तप साधनाएं भी सम्पन्न कीं।

नगर प्रवेश से शुरू होगा समारोह
संघवी परिवार के प्रमुख राजेंद्र भाई के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत 15 फरवरी को भक्ताम्बर, सिद्धचक्र पूजन, आरती और प्रभु भक्ति से होगी। 16 फरवरी को मेहंदी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जबकि 17 फरवरी को आचार्य एवं मुनि वृंद का नगर प्रवेश तथा परिवार बधावणा होगा। 18 फरवरी को नगर में मुमुक्षु प्रीति कुमारी की शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा वर्षीदान के साथ विदाई समारोह होगा। 19 फरवरी को शंखनाद के बीच दीक्षा समारोह सम्पन्न होगा। इस अवसर पर साध्वी मोनज्योति ने अपने प्रवचन में कहा कि आज के भौतिकवादी युग में संयम मार्ग अपनाना अत्यंत प्रेरणादायी निर्णय है। मोबाइल और भौतिक आकर्षणों में उलझी युवा पीढ़ी के बीच प्रीति कुमारी का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।