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राजस्थान में गैंगस्टर्स और नशे के सौदागरों का होगा ‘सफाया’, जानें सीएम भजनलाल का ‘एक्शन प्लान’

राजस्थान में अपराधियों और नशे के सौदागरों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अब तक का सबसे सख्त 'एक्शन प्लान' तैयार कर लिया है।

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राजस्थान में अपराधियों और नशे के सौदागरों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अब तक का सबसे सख्त 'एक्शन प्लान' तैयार कर लिया है। मंगलवार रात मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रदेश में गैंगस्टर्स और हार्डकोर अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

उन्होंने न केवल नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए, बल्कि पुलिसिंग को हाईटेक बनाने पर भी जोर दिया।

नशे के सौदागरों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' के निर्देश

मुख्यमंत्री ने नशे को अपराध की सबसे बड़ी जड़ बताते हुए पुलिस प्रशासन को "नशामुक्त राजस्थान" बनाने के लिए मिशन मोड में काम करने को कहा है। सीएम ने निर्देश दिए कि नशे की आपूर्ति श्रृंखला यानी सप्लाई चेन के सभी रूट्स को चिन्हित कर उन पर विशेष निगरानी रखी जाए।

सीएम ने अनूपगढ़, बाड़मेर, श्रीगंगानगर जैसे राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में तस्करी रोकने के लिए कड़ी सतर्कता और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही कहा कि पुलिस, ड्रग्स कंट्रोलर और स्वास्थ्य विभाग मिलकर छोटे से बड़े हर नेटवर्क को ध्वस्त करें।

"हाईटेक अपराधी तो पुलिस क्यों नहीं?"

डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली बदलने की नसीहत दी है। सीएम ने कहा कि अपराधी हाईटेक हो रहे हैं, इसलिए पुलिस को भी आधुनिक तकनीकों और डिजिटल फोरेंसिक का उपयोग करते हुए 'मॉडर्न पुलिसिंग' अपनानी होगी। साइबर ठगों के खिलाफ तब तक अभियान चलेगा, जब तक संबंधित क्षेत्र से उनका पूरी तरह सफाया न हो जाए।

10 दिन का अल्टीमेटम: मॉनिटरिंग और जवाबदेही

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल निर्देश देना काफी नहीं है, जमीन पर परिणाम दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक 10 दिन में की जाएगी। यदि किसी क्षेत्र में अपराध नियंत्रण या नशे के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जागरूकता और सामाजिक सहभागिता

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ जंग केवल पुलिस के दम पर नहीं जीती जा सकती। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने पुलिस को सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़कर पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य कानूनों के प्रति आमजन को शिक्षित करने का सुझाव दिया।

"अपराध मुक्त राजस्थान" का रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री ने संतोष जताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार के कड़े फैसलों के कारण अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा को निर्देश दिए कि पकड़े गए हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कोर्ट में प्रभावी कानूनी पैरवी की जाए ताकि उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

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