
Jaipur Lecturer Suicide Case (Patrika Photo)
जयपुर: महेश नगर थाना इलाके में बुधवार को ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाले निलंबित व्याख्याता मनोहर लाल भादू की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गुरुवार को मृतक के परिजन ने शव लेने से इनकार कर दिया और मुआवजा व कार्रवाई की मांग को लेकर एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर के बाहर धरना शुरू कर दिया।
परिजन ने एसओजी के दो अधिकारियों श्यामसुंदर और मुकेश सोनी पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि एसओजी अधिकारी बार-बार मनोहर को परेशान करते थे और किसी भी मामले में किसी के पकड़े जाने पर उसका नाम जबरन जोड़ दिया जाता था। बताया गया कि मनोहर ने आत्महत्या से पहले दोस्तों को भेजे सुसाइड नोट में खुद को निर्दोष बताया था।
गौरतलब है कि सांचौर निवासी मनोहर लाल भादू (35) ने अर्जुन नगर रेलवे फाटक के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। कार्रवाई व मुआवजे की मांग को लेकर धरना गुरुवार रात समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।
राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी भी धरना दे रहे परिजन से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सर्दी के मौसम में परिवार मजबूर होकर धरने पर बैठा है, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है। उनके अनुसार आत्महत्या सिस्टम की ओर से की गई प्रताड़ना का परिणाम है। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
परिजन की मांगों में सुसाइड नोट में नामजद दोनों एसओजी अधिकारियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करने, निलंबन अवधि का पूरा वेतन व एरियर तत्काल देने, एक करोड़ रुपए मुआवजा और 30 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति शामिल है।
Published on:
06 Feb 2026 08:29 am
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