
फाइल फोटो-पत्रिक
जयपुर। सोना-चांदी के बढ़े भाव ने आम लोगों को परेशानी में डाल दिया है। इसको लेकर राजस्थान समेत पूरे देश के लोगों की लगातार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। शादी सीजन के बावजूद लोग सोना-चांदी के गहने खरीदने से कतरा रहे हैं। दूसरी तरफ अचानक बढ़े भावों से ज्वेलर्स भी परेशान हैं। राजधानी जयपुर के स्वर्ण व्यापारियों का कहना है कि गहने के आर्डर ही नहीं मिल रहे हैं, जिससे गहनों का निर्माण करने वाले कारखाने सूने हो गए हैं।
सोना-चांदी में आई महंगाई से आभूषण कारीगर भी खाली बैठे हैं। इन दिनों सबसे अधिक चर्चा चांदी की है। जयपुर के स्वर्ण व्यापारियों का कहना है कि इन दिनों बिक्री न के बराबर है। निवेशक ऑनलाइन माध्यम से ही ज्यादा खरीद-बिक्री कर रहे हैं। हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान सोना-चांदी के भावों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, इसके बावजूद चांदी का भाव अभी 3,65000 के आसपास बना हुआ है। वहीं सोने के भाव भी 1,5500 के आसपास हैं।
सोशल मीडिया पर राधिका एस नाम के हैंडल से एक महिला ने लिखा- 'गरीब और मिडिल क्लास के लोग चांदी पुराने रेट में ही खरीद पाएंगे, वरना जीवन बिना सोना-चांदी के चलेगा। शदीशुदा महिलाओं के लिए सिर्फ बिंदी और सिंदूर ही बचा है। मंगलसूत्र और बिछिया सरकार ने इतना महंगा कर दिया है कि गरीब इनसान नहीं खरीद सकता।' इसी तरह से कई महिलाओं ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा किया है।
एक अन्य यूजर ने 'सोना-चांदी के भाव कैसे रोज चढ़ते और गिरते हैं इसको लेकर हैरानी जताई है। यूजर को लगता है कि कोई व्यक्ति सोने-चांदी का रेट बढ़ा-घटा रहा है।' इस यूजर के लिए बता दें कि सोने-चांदी के रेट बढ़ने और घटने में किसी एक व्यक्ति या सरकार के हांथ नहीं होते। इसके पीछे कई वैश्विक कारण होते हैं, जिनमें कीमती धातुओं की डिमांड, वैश्विक घटनाक्रम आदि बड़े कारक होते हैं।
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि 'जीवन के लिए सोने-चांदी महत्वपूर्ण नहीं है। जो जीवन के लिए महत्वपूर्ण चीजें हैं, उसकी पहुंच भी गरीबों तक नहीं है। कई लोगों ने इनमें निवेश करके बड़ा मुनाफा कमाया। गरीब लोग गरीब हो रहे हैं, जबकि अमीर और अमीर होते जा रहे हैं। गरीब लोगों को महंगी धातुओं से ध्यान हटाकर शिक्षा-रोजगार पर ध्यान लगाना चाहिए।'
Published on:
30 Jan 2026 08:53 pm
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