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School Infrastructure: अगले मानसून से पहले राजस्थान के स्कूल भवनों का कायाकल्प, 2000 से अधिक जर्जर इमारतें हो रहीं दुरुस्त

New School Building: 21 हजार स्कूलों में वाटरप्रूफिंग पूरी, एक साल में बनेंगे 175 नए आधुनिक विद्यालय। बच्चों की सुरक्षा पर फोकस: पीपलोदी में बड़े परिसर में बनेगा नया स्कूल भवन।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Feb 08, 2026

Rajasthan dilapidated government schools survey report education department worried where will ₹25 thousand crores come

ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Government Schools: जयपुर. प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने जर्जर विद्यालय भवनों के कायाकल्प की व्यापक पहल शुरू की है। गत वर्ष मानसून के दौरान झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में विद्यालय भवन गिरने की घटना के बाद विभाग ने प्रदेशभर में पुराने और कमजोर भवनों को चिह्नित करने का विशेष अभियान चलाया। इसके तहत दो हजार से अधिक विद्यालय भवनों की पहचान कर उनकी मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया, जो अब अंतिम चरण में है।

शिक्षा विभाग के अनुसार मार्च माह तक इन सभी भवनों को मजबूत और सुरक्षित बनाकर तैयार कर दिया जाएगा, ताकि आगामी मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे। इसके साथ ही एसडीआरएफ की ओर से प्रदेश के 21 हजार विद्यालयों में वाटरप्रूफिंग और आवश्यक मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे बारिश के समय भवनों में रिसाव और क्षति की समस्या से राहत मिलेगी और विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।

राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप 175 नए विद्यालय भवनों का निर्माण भी तेजी से जारी है। ये सभी भवन अगले एक वर्ष में बनकर तैयार हो जाएंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन भवनों में बेहतर कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की सिविल शाखा के अनुसार प्रदेश के सभी विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण का कार्य पूरा किया जा रहा है। इसके अलावा 900 विद्यालयों में 2250 से अधिक साइंस लैब, 229 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में डायनिंग कम स्टडी हॉल, सात जिलों के डाइट केंद्रों में छात्रावास तथा 3000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत का कार्य प्रक्रियाधीन है।

पीपलोदी में हुई दुर्घटना के बाद वहां की जर्जर इमारत को ध्वस्त कर नई और अधिक बड़े परिसर में स्कूल भवन का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामवासियों की मांग पर चयनित नई जमीन पहले से अधिक विस्तृत है और निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। जल्द ही यहां बच्चे सुरक्षित और आधुनिक भवन में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।