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Silver Price Tremendous Hike : चांदी का भाव 4 लाख रुपए किलो पहुंचा, बुलियन व सर्राफा बाजार स्तब्ध, कारीगर मायूस, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Silver Price Tremendous Hike : सोने-चांदी के भावों में बेतहाशा वृद्धि से बुलियन और सर्राफा बाजार स्तब्ध है। गुरुवार को चांदी 4 लाख रुपए किलो पर पहुंच गई और सोना भी प्रति 10 ग्राम 1 लाख 84 हजार रुपए पर पहुंच गया। पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट।

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Silver Price Tremendous Hike reached 4 lakh rupees per kilogram bullion and sarafa bazar is stunned artisans troubled

जयपुर में सोने-चांदी की दुकान का एक दृश्य। फोटो पत्रिका

Silver Price Tremendous Hike : जयपुर. सोने-चांदी के भावों ने आसमान तो छू लिया, लेकिन इस ऊंचाई ने बाजार की रीढ़ तोड़ दी है। आलम यह है कि तिजोरियों में बंद 'पुरानी चांदी' तो मुनाफा उगल रही है, लेकिन शोरूम के काउंटर पर बैठा व्यापारी और कारखाने में बैठा कारीगर दोनों ही 'शॉक' में हैं। ढूंढाड़, मारवाड़, हाड़ौती, मेवाड़-वागड़, सहित राज्यभर के बाजार में सन्नाटा इतना गहरा है कि सोने की चमक भी उसे दूर नहीं कर पा रही है।

सोने-चांदी के भावों में बेतहाशा वृद्धि से बुलियन और सर्राफा बाजार स्तब्ध है। गुरुवार को चांदी 4 लाख रुपए किलो पर पहुंच गई और सोना भी प्रति 10 ग्राम 1 लाख 84 हजार रुपए पर पहुंच गया। जनवरी में ही सोने के भावों में करीब 50 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी में प्रति किलो 1 लाख 65 हजार रुपए की तेजी आ चुकी है।

मुनाफा वसूली के लिए लोग पुरानी चांदी बेचने आ रहे हैं, लेकिन ज्वैलरी, चांदी के सिक्के या अन्य ऑर्नामेंट की बिक्री 80 फीसदी तक कम हो चुकी है। जिन परिवारों में आने वाले दिनों में शादी है, वे ही सोने के गहने खरीद रहे हैं। शादी वाले परिवार भी अपना बजट कार, इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, रिसॉर्ट पर शिफ्ट कर रहे हैं।

कारीगरों को नहीं मिल रहा काम

जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर में कारोबार ठप है। कारीगर खाली बैठे हैं, दुकानों में काम नहीं है। पुराने भाव पर लिए गए ऑर्डर अब ज्वैलर्स के लिए घाटे का सौदा बन गए हैं। छोटे व्यापारियों का कारोबार बंद होने की कगार पर हैं।

उदयपुर : कर्ज लेने वाले व्यापारी संकट में

उदयपुर में सर्राफा कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। आगे से चांदी की सप्लाई नहीं मिल रही है। व्यापारी असमंजस की स्थिति में है। सराफा कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, लेकिन अभी मैदान छोड़कर भागने के बजाय डटे हुए हैं। कर्ज लेने वाले व्यापारी बर्बाद होने के कगार पर हैं।

चितौड़गढ़ : निवेशकों का खेल

सराफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिचोलिया के अनुसार तेजी से फायदा नहीं, नुकसान ज्यादा है। ग्राहक गायब हैं, सिर्फ निवेशक ही खरीद रहे हैं। पुरानी चांदी और बर्तन बेचने वाले गिने-चुने लोग ही हैं। दुकानों पर सन्नाटा है, अलवर का हाल भी यही है।

बांसवाड़ा : ग्राहक दूर हुए

जनजाति बाहुल्य बांसवाड़ा में लोग सोने से ज्यादा चांदी खरीदते हैं। लेकिन इस समय ग्राहक बाजार से पूरी तरह दूर हो गए हैं। अजमेर में भी व्यापारी मुनाफा नहीं कमा पा रहे। जालोर में रोजाना होने वाली छोटी खरीद 80 फीसदी कम हो गई है। महंगाई बढ़ने के बावजूद शादी की सीजन को लेकर वर्तमान भाव में सोने चांदी के आभूषण की एडवांस बुकिंग हो रही है, ऑर्डर में कमी आई है। पाली में सर्राफा व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। पहले की तुलना में ग्राहकी 25 प्रतिशत ही रह गई है।

कोटा : छोटे कारोबारियों पर संकट

ग्राहक बाजार से गायब हैं। कभी-कभार आते भी हैं, उन्हें जिस भाव में माल बेचा जाता है, उसी भाव में दुकानदार नया माल खरीद नहीं पाता। कम पूंजी वाले व्यापारी दुकानें बंद करने की नौबत में हैं।

भीलवाड़ा : फायदे से ज्यादा मुसीबत

यह तेजी अधिकांश कारोबारियों के लिए मुसीबत बन गई है। पुराना स्टॉक रखने वालों को भले फायदा हुआ हो, लेकिन ग्राहक गायब हैं। उपभोक्ताओं और व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई है। कई ग्राहकों ने सोना-चांदी कम भाव में खरीदा था, भुगतान अब कर रहे हैं।

झालावाड़ : पुराना स्टॉक वालों कमा रहे

जिनके पास पुराना स्टॉक है, वही मुनाफा कमा रहे हैं। एक व्यापारी ने बताया 78 हजार रुपए तोला का भाव पहले तय था, उसी भाव में आधा किलो सोने के जेवर बनाने पड़े। ग्राहक पहले ही सौदा कर चुका था, माल देना ही पड़ा। अब रसूखदार ही धंधा कर रहे हैं। हनुमानगढ़ में भी यही हाल है।

रिटेल कारोबार थमा…

जयपुर सराफा ट्रेडर्स कमेटी के महामंत्री मातादीन सोनी का कहना है कि सर्राफा बाजार में केवल बुलियन चल रहा है, जिनके पास अतिरिक्त पूंजी है, वे निवेशक सोने-चांदी में निवेश के लिए टूट पड़े हैं, लेकिन ज्वैलरी और ऑर्नामेंट का रिटेल कारोबार पूरी तरह से थमा हुआ है।

चांदी पर इन देशों का कब्जा

पेरू 93,000
ऑस्ट्रेलिया 88,000
रूस 72,000
चीन 41,000
मेक्सिको 37,000। (मात्रा टन में)

सप्लाई का महासंकट

चांदी की कीमतों में तेजी की वजह सप्लाई और डिमांड के बीच का वह गड्ढा है जिसे भरना नामुमकिन है। जितनी चांदी निकल रही है मांग उससे 30 करोड़ औस ज्यादा है।

चांदी का सफर

वर्ष - कीमत (रुपए किलो में)
2000 7,900
2005 10,675
2010 27,255
2015 37,825
2020 63,435
2021 62,572
2022 55,100
2023 78,600
2024 95,700
2025 2,03,000
2026 4,00,000।

सोने की चाल

वर्ष - भाव (प्रति 10 ग्राम)
1970 - 184
1980 - 1330
1990 - 3200
2000 - 4400
2010 - 18,500
2020 - 48,650
2023 - 61,690
2024 - 76,000
2025 - 1,40,500
2026 - 1,84,000।

केवल दस्तूर के लिए खरीदारी

जेम्स ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के रीजनल मेंबर डॉ. संजय जोशी का कहना है कि शादियों के लिए गहनों की खरीदारी, ज्यादातर ग्राहक पुराने गहने बेचकर नए खरीद रहे हैं। सोने के गहनों की खरीदारी केवल दस्तूर के लिए हो रही है। लोग छोटे लाइट वेट गहने खरीद रहे हैं। चांदी के आभूषणों की खरीद तो पूरी तरह से ठप है। सोने-चांदी में जब तक स्थिरता नहीं आएगी तब तक ज्वैलरी मार्केट ठंडा ही रहेगा।

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आम आदमी की पहुंच से दूर हो गया सोना-चांदी

चांदी-सोने की तेजी को देखते हुए बाजार में चांदी की शॉर्टेज है। जिनके पास बजट ज्यादा है, वह चांदी ज्यादा खरीद रहा है। आम आदमी और व्यापारी के लिए चांदी-सोना खरीद से बाहर हो गया है। चांदी सोने का व्यापार न्यूयॉर्क में लंदन से चलता है। चीन ने अपना सोना- चांदी बेचकर कारोबार सीमित कर दिया। इसलिए चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं।
अशोक बिंदल, पूर्व अध्यक्ष अजमेर सराफा संघ