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खेल बढ़ाते हैं अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास : कुलगुरु चौहान

जयपुर। राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में बुधवार को तीन दिवसीय चतुर्थ कुलगुरु चल वैजयन्ती समारोह का आगाज हुआ। कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं टीम भावना जैसे गुणों का भी […]

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जयपुर। राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में बुधवार को तीन दिवसीय चतुर्थ कुलगुरु चल वैजयन्ती समारोह का आगाज हुआ। कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि खेल जीवन का अभिन्न अंग हैं। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं टीम भावना जैसे गुणों का भी विकास करते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं आपसी सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।

इससे पहले कुलगुरु ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के तहत कार्यरत समस्त अनुसंधान केन्द्रों, महाविद्यालयों व कृषि विज्ञान केन्द्रों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। आयोजन के तहत कर्मचारियों के लिए विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य प्रतिभागियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को प्रोत्साहित करना है।

इस अवसर पर कुल सचिव नवीन यादव ने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं कर्मचारियों में खेल भावना, आपसी सौहार्द एवं सकारात्मक सोच का विकास करती हैं। खेलों के माध्यम से अनुशासन, समय प्रबंधन एवं टीमवर्क जैसे गुण सुदृढ़ होते हैं, जो कार्यस्थल पर भी प्रभावी रूप से परिलक्षित होते हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. हरफूल सिंह ने कहा कि इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं कर्मचारियों को नवीन ऊर्जा एवं सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं, जिससे वे भविष्य में और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ विश्वविद्यालय के विकास में योगदान दे सकते हैं।

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