4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आश्वासन के बाद धरना समाप्त, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा

पोकरण कस्बे के रामदेवसर तालाब में मंगलवार को नाबालिग के शव मिलने के बाद राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के आगे दिया जा रहा धरना दूसरे दिन बुधवार को समाप्त किया गया। गौरतलब है कि स्थानीय निवासी एक महिला ने रविवार की रात पुलिस में रिपोर्ट दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री गुमशुदा हो गई है। […]

2 min read
Google source verification

पोकरण कस्बे के रामदेवसर तालाब में मंगलवार को नाबालिग के शव मिलने के बाद राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के आगे दिया जा रहा धरना दूसरे दिन बुधवार को समाप्त किया गया। गौरतलब है कि स्थानीय निवासी एक महिला ने रविवार की रात पुलिस में रिपोर्ट दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री गुमशुदा हो गई है। सोमवार दोपहर बाद आरएसएस स्वयंसेवक, परिजन व अन्य लोग एकत्रित होकर पुलिस थाने पहुंचे और मामले की जांच की मांग की। मंगलवार सुबह रामदेवसर तालाब में नाबालिग का शव बरामद हुआ, जिसके बाद आरोप लगाया कि कस्बे के ही कुछ युवकों ने हत्या कर बालिका के शव को तालाब में डाल दिया गया है। इसी तरह उन्होंने मांग की कि रविवार रात मृतका की मां के साथ पुलिस थाने में उचित व्यवहार नहीं करने के दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। परिजनों के साथ दलित समाज के लोगों की ओर से मोर्चरी के आगे धरना शुरू करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने, एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग की गई।

मोर्चरी के आगे दूसरे दिन भी धरना जारी

मोर्चरी के आगे बुधवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। दोपहर में उपखंड अधिकारी हीरसिंह चारण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीणकुमार सैन, वृताधिकारी भवानीसिंह राठौड़, तहसीलदार हजाराराम, पूर्व विधायक शैतानसिंह राठौड़, नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, भाजपा नेता मदनसिंह राजमथाई आदि ने धरनास्थल पर पहुंचकर वार्ता की। दलित अधिकार अभियान कमेटी के अध्यक्ष सुरेश नागौरा, गणपतराम गर्ग, चेतनराम भाटी, तुलछाराम झलारिया, देव चौहान, राजूराम आदि ने मांगे रखी। विधायक महंत प्रतापपुरी की ओर से उनके निजी सहायक गुलाबसिंह ने विधायक मद से 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया गया। जिसके बाद धरना समाप्त किया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया।

मोर्चरी के आगे बुधवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा। दोपहर में उपखंड अधिकारी हीरसिंह चारण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीणकुमार सैन, वृताधिकारी भवानीसिंह राठौड़, तहसीलदार हजाराराम, पूर्व विधायक शैतानसिंह राठौड़, नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, भाजपा नेता मदनसिंह राजमथाई आदि ने धरनास्थल पर पहुंचकर वार्ता की। दलित अधिकार अभियान कमेटी के अध्यक्ष सुरेश नागौरा, गणपतराम गर्ग, चेतनराम भाटी, तुलछाराम झलारिया, देव चौहान, राजूराम आदि ने मांगे रखी। विधायक महंत प्रतापपुरी की ओर से उनके निजी सहायक गुलाबसिंह ने विधायक मद से 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। साथ ही परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया गया। जिसके बाद धरना समाप्त किया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया।