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अचानक उमड़ी भीड़ सीखा गई सबक… हर समय व्यवस्थाओं को अलर्ट रहने की जरूरत

लगातार महीने के चौथे शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की तीन छुट्टियों ने स्वर्णनगरी और सम सेंड ड्यून्स को अचानक सैलानियों से गुलजार कर दिया। पर्यटक सीजन में भीड़ आने जैसी कोई आहट इस बार नहीं थी। अप्रत्याशित आवक ने सरकारी सिस्टम को एकाएक परीक्षा में डाल दिया। पुलिस और प्रशासन पहले से अलर्ट नहीं […]

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लगातार महीने के चौथे शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की तीन छुट्टियों ने स्वर्णनगरी और सम सेंड ड्यून्स को अचानक सैलानियों से गुलजार कर दिया। पर्यटक सीजन में भीड़ आने जैसी कोई आहट इस बार नहीं थी। अप्रत्याशित आवक ने सरकारी सिस्टम को एकाएक परीक्षा में डाल दिया। पुलिस और प्रशासन पहले से अलर्ट नहीं थे, जिसकी वजह से सोनार दुर्ग में जाम जैसी स्थिति बनी। सूचना मिलने पर पर्यटक सुरक्षा बल करीब एक घंटे बाद मौके पर सक्रिय हुआ। लंबी छुट्टियों के चलते राजस्थान सहित दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तर भारत के कई राज्यों से पर्यटक पहुंचे। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हवाई अड्डे पर अचानक बढ़ी आवाजाही ने स्पष्ट संकेत दिया कि भीड़ का अनुमान चूक गया है।

होटलों में हाउसफुल, लेकिन किराए सामान्य

पर्यटकों की भीड़ का सबसे बड़ा असर शहर के होटलों और सम क्षेत्र के रिसॉट्र्स पर दिखाई दिया। अधिकांश जगह कमरे फुल हो गए। दिवाली, क्रिसमस और नववर्ष जैसे चरम सीजन से पहले ही हाउसफुल की स्थिति बन गई। रिसॉर्ट व्यवसायी पुष्पेंद्र कुमार व्यास के अनुसार, इस बार सम क्षेत्र में हाउसफुल की स्थिति बनी, लेकिन किराए सामान्य दिनों जैसे ही रहे। गाइडों के अनुसार यह भीड़ अप्रत्याशित थी। आमतौर पर 100-200 रुपए की बजाय 400-500 रुपए तक चार्ज किए गए।यातायात पर भारी दबावअचानक बढ़ी भीड़ से शहर की यातायात व्यवस्था डगमगा गई। जैसलमेर से सम तक पर्यटक चरम के दौरान की जाने वाली पुलिसिंग इन तीन दिनों में नजर नहीं आई। किले और प्रमुख चौराहों पर वाहनों की लाइनें लगीं। पार्किंग की कमी ने जाम की स्थिति को और बढ़ाया।

भविष्य की तैयारी का अवसर

होटल व्यवसायी आलम खां के अनुसार, अचानक आई भीड़ ने पर्यटन कारोबार को गति दी, लेकिन व्यवस्थाओं को संभालना चुनौतीपूर्ण रहा। रेस्तरां, कैफ़े और लोकल गाइडों की मांग बढऩे के साथ ही प्रशासन, पुलिस और नगरपरिषद के लिए यह स्थिति अलर्ट की तरह सामने आई। यह भीड़ पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए राहत लेकर आई, लेकिन इसने स्पष्ट कर दिया कि स्वर्णनगरी को अब हर संभावित अवसर के लिए पहले से तैयार रहना होगा। छुट्टियों, सप्ताहांत और उत्सवी सीजन में अचानक पर्यटक बढऩे की संभावना को देखते हुए बेहतर पूर्वानुमान, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, सुरक्षा और सूचना तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है। गौरतलब है कि आगामी 29 जनवरी से 1 फरवरी तक जैसलमेर में विख्यात मरु महोत्सव आयोजित होगा, जिसमें भी बड़ी तादाद में देशी विदेशी सैलानी हिस्सेदारी करेंगे।

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